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BTech : लिखित परीक्षा में शून्य अंक तब भी दे सकेंगे एंड सेमेस्टर परीक्षा, IIIT ने बदले नियम

ट्रिपलआईटी में पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी राहत देते हुए संस्थान प्रशासन ने न्यूनतम अंक से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन को मिलाकर कुल 60 अंकों में से 23.75 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।

Fri, 6 March 2026 07:10 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, अनिकेत यादव, प्रयागराज
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BTech : लिखित परीक्षा में शून्य अंक तब भी दे सकेंगे एंड सेमेस्टर परीक्षा, IIIT ने बदले नियम

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में पढ़ने वाले इंजीनियरिंग छात्रों को बड़ी राहत देते हुए संस्थान प्रशासन ने न्यूनतम अंक से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब एंड सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए पहले की तुलना में अधिक लचीली व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रस्ताव को सीनेट से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद नए नियम मौजूदा सत्र से लागू कर दिए गए हैं। नए नियम के तहत अब छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन को मिलाकर कुल 60 अंकों में से 23.75 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा। इन 60 अंकों में 25 अंक मिड सेमेस्टर परीक्षा के और 35 अंक आंतरिक मूल्यांकन के निर्धारित होते हैं।

यदि कोई छात्र इन दोनों को मिलाकर तय न्यूनतम सीमा तक अंक प्राप्त कर लेता है, तो वह एंड सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए पात्र माना जाएगा। पहले की व्यवस्था में मिड सेमेस्टर और आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य था। मिड सेमेस्टर परीक्षा में न्यूनतम छह अंक और आंतरिक मूल्यांकन के लिए 8.5 अंक पाना अनिवार्य था।

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खत्म होगी बेवजह के तनाव की समस्या

कई बार ऐसा होता था कि छात्र किसी एक परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर लेते थे, लेकिन दूसरे में कम अंक आने होने के कारण वे अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने से वंचित हो जाते थे। इससे छात्रों पर अतिरिक्त दबाव भी बनता था और उन्हें अनावश्यक तनाव का सामना करना पड़ता था। नए नियम के लागू होने के बाद अब यह समस्या खत्म हो जाएगी। छात्र दोनों परीक्षाओं के अंकों को मिलाकर न्यूनतम सीमा पूरी कर सकेंगे, जिससे उन्हें एंड सेमेस्टर परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। संस्थान प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से छात्रों को पढ़ाई के दौरान होने वाले अनावश्यक तनाव से राहत मिलेगी।

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