BSUSC : नया खुलासा, बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में इंटर कॉलेज के अनुभव पर भी दे दी नौकरी
बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में लगातार गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। जांच में इंटर कॉलेज के अनुभव पर सहायक प्राध्यापक की नौकरी मिलने की बात सामने आई है। इंटर कॉलेज का अनुभव पत्र मान्य नहीं है।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापक) की नियुक्ति में लगातार गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। जांच में इंटर कॉलेज के अनुभव पर सहायक प्राध्यापक की नौकरी मिलने की बात सामने आई है। इंटर कॉलेज का अनुभव पत्र मान्य नहीं है। बीआरएबीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालयों में भी गलत अनुभव प्रमाणपत्र पर सहायक प्राध्यापकों की तैनाती हुई है। ताजा मामले में गया के एक इंटर कॉलेज की डिग्री पर सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की बात समाने आ रही है। मामले की जांच अभी की जा रही है। विवि के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा का कहना है कि जो भी गड़बड़ी मिलेगी, उसपर सख्त कार्रवाई की जायेगी। बीआरएबीयू में अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
विवि सेवा आयोग ने बिना जांचे कर दी नियुक्ति
अनुभव प्रमाणपत्र में गड़बड़ियों के मिलने पर विवि सेवा आयोग पर भी कई अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग ने अनुभव प्रमाणपत्रों की बिना जांच किये ही सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति कर दी। विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार ने भी अनुभव प्रमाणपत्रों को बिना परखे अग्रसारित कर दिया। आयोग में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में अनुभव प्रमाणपत्र में 10 अंक का वेटेज दिया गया है।
इवनिंग कॉलेज से 11 लोगों को बंटी अनुभव की रेवड़ी
बीआरएबीयू के एक इवनिंग कॉलेज से 11 लोगों को अनुभव प्रमाणपत्र की रेवड़ी बांटी गई है। जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनमें राजनीति विज्ञान, उर्दू, इतिहास और अंग्रेजी विषय शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि जिस कॉलेज से अनुभव की रेवड़ी बांटी गई है, उस समय उसकी संबद्धता नहीं थी। इसके बाद भी विवि प्रशासन और विवि सेवा आयोग ने इस प्रमाणपत्र पर सहायक प्राध्यापक का चयन कर लिया। इसके अलावा हाल में जारी राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापकों के रिजल्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि सहायक प्राध्यापक के पद पर चयनित एक व्यक्ति विवि में कार्यरत रहने के बाद भी कॉलेज का अनुभव प्रमाणपत्र लेकर आयोग में जमा कर आया और वह अनुभव भी एक इवनिंग कॉलेज का ही है।
मांगी सूचना का जवाब नहीं दे रहा आयोग
विश्वविद्यालय सेवा आयोग अनुभव प्रमाणपत्र पर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का जवाब नहीं दे रहा है। शिक्षा विषय में सहायक प्राध्यापक पद पर साक्षात्कार देने वाले एक अभ्यर्थी ने बताया कि कई महीने से वे आयोग के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अर्थशास्त्र विषय के एक अभ्यर्थी ने भी बताया कि उसकी आरटीआई का जवाब भी आयोग से नहीं मिला है।




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