बिहार के तकनीकी संस्थानों में 3 कैटेगरी में प्रोफेशनल्स की भर्ती, BTech, डिप्लोमा और MTech योग्यता पर क्या हैं नियम
पहली श्रेणी में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। दूसरी श्रेणी में वैसे अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्होंने बीटेक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।

बिहार के तकनीकी संस्थानों में युवा पेशेवरों की नियुक्ति होगी। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गयी है। इसके लिए यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026 बनाई गई है। राज्य कैबिनेट पहले ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुका है। इसके तहत विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन श्रेणियों में यंग प्रोफेशनल का चयन करेगा। माना जा रहा है कि विभाग की इस पहल से विज्ञान एवं प्रावैधिकी से जुड़े कार्यक्रमों और अनुप्रयोगों को गति मिलेगी। इस नीति के तहत तीन श्रेणियों में तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी।
ये हैं तीन कैटेगरी
- पहली श्रेणी में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।
- दूसरी श्रेणी में वैसे अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्होंने बीटेक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा संबंधित शाखा में पिछले तीन वर्षों के भीतर वैध ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) स्कोर अर्जित किया हो।
- वहीं, तीसरी श्रेणी में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने एमटेक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा एमटेक में प्रवेश वैध गेट स्कोर के आधार पर लिया हो।
दो वर्षों के लिए शुरुआती चयन
इनका प्रारंभिक चयन दो वर्षों के लिए होगा, जिसे उनके कार्य के मूल्यांकन तथा संबंधित संस्थान की आवश्यकता के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। विभिन्न संस्थानों में यंग प्रोफेशनल की संख्या संबंधित संस्थानों की आवश्यकता के अनुसार विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी।
आरक्षण भी होगा लागू
यंग प्रोफेशनल के चयन में राज्य की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा। चयनित यंग प्रोफेशनल विभाग एवं विभागाधीन संस्थानों, जैसे बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (बीसीएसटी), बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशंस सेंटर (बिरसेक), डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी, पटना, आदि में आवश्यकतानुसार सेवाएं प्रदान करेंगे।
विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग मंत्री शीला कुमारी ने कहा- विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों-योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए तीन श्रेणियों में दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसके लिए नीति बनाई गई है। इनका प्रारंभिक चयन दो वर्षों के लिए होगा।




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