सरकारी नौकरी के साथ दूसरी परीक्षा देना अब होगा मुश्किल, बिहार सरकार ने सीमित किए अटेम्प्ट्स
बिहार में सरकारी नौकरी कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में केवल एक बार ही शामिल हो सकेंगे।

Bihar Govt New Rule for Sarkari Employees : बिहार में सरकारी नौकरी कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अक्सर देखा जाता है कि एक बार सरकारी सेवा में आने के बाद भी कर्मचारी बेहतर पद और ज्यादा सैलरी की चाहत में लगातार दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते रहते हैं। लेकिन अब नीतीश सरकार ने इस पर लगाम लगाने और नियमों को सख्त करने का निर्णय लिया है।
नई नियमावली के अनुसार, अब सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में केवल एक बार ही शामिल हो सकेंगे। यह फैसला शासन व्यवस्था में स्थिरता लाने और बार-बार होने वाले तबादलों या पदों के खाली होने की समस्या को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्या है नया नियम? (केवल एक बार का मौका)
नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के अनुसार, विभाग में कार्यरत कोई भी नियमित सरकारी सेवक अब अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए केवल एक बार ही अनुमति (NOC) प्राप्त कर सकेगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि यदि कोई कर्मचारी विभाग में काम करते हुए किसी दूसरी बड़ी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, तो उसे अपनी किस्मत आजमाने का केवल एक ही अवसर मिलेगा। विभाग का मानना है कि बार-बार परीक्षाओं में बैठने और आवेदन करने से सरकारी कामकाज प्रभावित होता है और प्रशासनिक स्थिरता में कमी आती है।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
सरकार और विभाग के इस कदम के पीछे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक तर्क दिए जा रहे हैं। जब कर्मचारी लगातार अन्य परीक्षाओं की तैयारी में लगे रहते हैं, तो वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते। एक कर्मचारी जब एक विभाग छोड़कर दूसरे विभाग में चला जाता है, तो पिछला पद खाली हो जाता है। इससे नई भर्ती प्रक्रिया में समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। विभाग चाहता है कि कर्मचारी अपने वर्तमान पद के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें। सीमित अवसर होने से केवल वही लोग परीक्षा देंगे जो वास्तव में बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार और गंभीर हैं।
अनुमति (NOC) लेना होगा अनिवार्य
नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी किसी दूसरी परीक्षा का फॉर्म भरना चाहता है, तो उसे अपने विभाग से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) लेना अनिवार्य होता है। अब विभाग इस NOC को जारी करने में सख्ती बरतेगा। अगर आपने एक बार किसी परीक्षा के लिए अनुमति ले ली, तो भविष्य में दूसरी किसी भी परीक्षा के लिए विभाग से हरी झंडी मिलना मुश्किल होगा।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
विभाग के इस फैसले के बाद सचिवालय से लेकर नगर निगमों तक के कर्मचारियों में चिंता का माहौल है। कई युवा कर्मचारी जो लोअर ग्रेड पर भर्ती हुए थे और उच्च पदों (जैसे SDM या DSP) पर जाने का सपना देख रहे थे, उन्हें लग रहा है कि उनके करियर के रास्ते सीमित किए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबको अपनी प्रगति के लिए प्रयास करने का अधिकार होना चाहिए।




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