शेयर बाजार में उथल-पुथल वाला माहौल, जेरोधा के मालिक ने ट्रेडर्स को दिए टिप्स
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ का ये ताजा बयान ऐसे समय में आया है जब सभी एसेट क्लास में निवेशकों की घबराहट बढ़ी हुई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष बढ़ने के बाद से दुनिया भर में इक्विटी पर दबाव बढ़ा है।

वैश्विक बाजार अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच छिड़ी जंग और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने निवेशकों को एक अहम टिप्स दिया है। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न और कम जोखिम के लिए पोर्टफोलियो का विविधीकरण सबसे भरोसेमंद तरीका है।
पोर्टफोलियो चार्ट के जरिए समझाया
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कामथ ने Zerodha के Console प्लेटफॉर्म के एक पोर्टफोलियो चार्ट को साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह चार्ट भले ही सरल दिखता हो लेकिन इसके पीछे जटिल गणनाएं और तकनीकी मेहनत छिपी होती है। उन्होंने कहा कि हर पोर्टफोलियो कई अलग-अलग चीजों से मिलकर बनता है -जैसे कैश का आना-जाना, डिविडेंड, बोनस, स्टॉक स्प्लिट, कुछ शेयरों को बेचना, ट्रांसफर और दूसरी कई चीजें। अगर इन सभी चीजों को पूरी सावधानी से न संभाला जाए तो परफॉर्मेंस का डेटा गलत हो सकता है।
कामथ ने कहा कि इन सभी अलग-अलग तरह की स्थितियों को सही तरीके से संभालने के लिए इंजीनियरिंग टीम को बहुत मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी में एक कर्मचारी का पोर्टफोलियो लगातार बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, और इसकी वजह कोई बड़ा दांव नहीं बल्कि संतुलित और विविध निवेश रणनीति है।
इक्विटी पर दबाव
नितिन कामथ का ये ताजा बयान ऐसे समय में आया है जब सभी एसेट क्लास में निवेशकों की घबराहट बढ़ी हुई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष बढ़ने के बाद से दुनिया भर में इक्विटी पर दबाव बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और उसके बाद पैदा हुए महंगाई के जोखिमों पर बाजार तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 में 10% से ज्यादा की गिरावट आई है। यह दबाव सिर्फ शेयरों तक ही सीमित नहीं रहा है। सोना जैसे आभूषण भी अपनी बढ़त बनाए रखने में नाकाम रहा है। इसके साथ ही बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी है।
ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए सही दिशा चुनना मुश्किल हो गया है। जोखिम वाले एसेट्स में उतार-चढ़ाव है, जबकि सुरक्षित विकल्प भी पूरी राहत नहीं दे पा रहे हैं। यही वजह है कि कामथ बार-बार विविधीकरण पर जोर दे रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले भी कामथ ने कहा था कि कोई भी यह नहीं बता सकता कि कौन-सा एसेट क्लास कब अच्छा परफॉर्म करेगा। इसलिए 99% निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति है कि अपने निवेश में विविधता लाना और हर परिस्थिति में निवेश बनाए रखना।




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