why experts saying that it is difficult for nifty to cross 25000 mark check 5 big reason निफ्टी के लिए 25000 क्रॉस करना नहीं होगा आसान, ऐसा क्यों बोले रहे हैं एक्सपर्ट्स? जानें 5 बड़े कारण, Business Hindi News - Hindustan
More

निफ्टी के लिए 25000 क्रॉस करना नहीं होगा आसान, ऐसा क्यों बोले रहे हैं एक्सपर्ट्स? जानें 5 बड़े कारण

Stock Market Outlook: इस हफ्ते निफ्टी में शानदार तेजी देखने को मिली है। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर का फायदा घरेलू शेयर बाजारों को मिला है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टॉक मार्केट को 25000 के मार्क को क्रॉस करना आसान नहीं होगा।

Sat, 11 April 2026 01:27 PMTarun Pratap Singh मिंट
share
निफ्टी के लिए 25000 क्रॉस करना नहीं होगा आसान, ऐसा क्यों बोले रहे हैं एक्सपर्ट्स? जानें 5 बड़े कारण

Stock Market Outlook: शेयर बाजार में इस हफ्ते अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है। घरेलू स्टॉक मार्केट ईरान-अमेरिका सीजफायर से काफी खुश नजर आ रहा है। इस हफ्ते निफ्टी50 इंडेक्स 22713 अंक से बढ़कर 24050 अंक तक पहुंचने में सफल रहा है। निफ्टी में 1337 अंक या फिर 6 प्रतिशत की सप्ताहिक तेजी देखने को मिली है। हालांकि, इसके बाद भी अधिकतर एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी आने वाले समय में 25000 के मार्क को क्रॉस नहीं कर पाएगी। बता दें, निफ्टी ने बीते दिनों 23200 अंक के मार्क और 23800 की रुकावट को क्रॉस करने में सफलता प्राप्त की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:19वीं बार डिविडेंड देने जा रही है कंपनी, इस बार होगा 1 शेयर पर 30 रुपये का फायदा

1- वैश्विक स्तर पर तनाव

एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज से जुड़ी सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव कहती हैं कि अमेरिका-ईरान सीजफायर ने सेंटीमेंट को स्थिर रखने और हालिया नुकसान की भरपाई करने में मदद की है।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरिप्रसाद के का कहना है कि सिर्फ एक वजह निफ्टी50 को 25000 के पार नहीं ले जा पाएगा। मौजूदा समय में स्टॉक मार्केट में राहत वाली तेजी देखने को मिली है। यह कोई बड़े बदलाव का संकेत नहीं दे रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:5 साल में 2459% का रिटर्न, 5 टुकड़ों में बंट रहा स्टॉक, 1 बोनस शेयर का भी ऐलान

2- क्रूड ऑयल प्राइस

अगर कच्चे तेल का रेट 70 से 75 डॉलर तक आ जाता है तब वह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी सकरात्मक रहेगा। पाकिस्तान में चल ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत अगर किसी निर्णायक स्तर पर पहुंचता भी तब की स्थिति में भी कोई तुरंत लाभ नहीं मिलेगा। तेल कंपनियों को फिर से प्रोडक्शन शुरू होने में 25 से 30 दिन का समय लग सकता है।

3- सेंट्रल बैंकों की चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। जिसकों नियंत्रण में रखना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। अगर कच्चे तेल का रेट ऐसे ही सातवें आसमान पर रहा तब की स्थिति में महंगाई का बुरा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:70 से अधिक बार डिविडेंड दे चुकी है कंपनी, फिर किया रिकॉर्ड डेट का ऐलान

4- सप्लाई चेन की चिंता

ईरान ने जिन 10 बातों को समझौत पटल पर रखा है वह अमेरिका के लिए मानना आसान नहीं होगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज युद्ध से पहले मुक्त था। लेकिन अब ईरान उसपर पूरा कंट्रोल चाहता है। अगर ऐसा हुआ तब ईरान की कमाई का यह एक बड़ा जरिया बन जाएगा। जोकि अमेरिका सहित कई देशों के लिए गले की हड्डी साबित होगा। अब देखना है कि बातचीत का क्या नतीजा रहता है।

5- FII की तरफ से हो रही लगातार बिकवाली

घरेलू बाजार से लगातार एफआईआई की तरफ से शेयरों की बिकवाली की जा रही है। ऐसे में अगर निफ्टी को 25000 के मार्क को क्रॉस करना है तब की स्थिति में एफआईआई की तरफ से हो रही इस बिकवाली पर भी ब्रेक लगाना होगा।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,