युद्ध की आग से जल उठा वॉल स्ट्रीट, डाऊ जोन्स 800 अंक टूटा, कच्चा तेल भी धधका
Stock Market Today: अमेरिकी शेयर बाजारों में फिर बिकवाली का दौर देखने को मिला। ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के आर्थिक असर और लगातार नई ऊंचाई छू रहे कच्चे तेल के दामों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। डाऊ जोन्स इंडेक्स में करीब 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

Stock Market Today: अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को फिर बिकवाली का दौर देखने को मिला। ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के आर्थिक असर और लगातार नई ऊंचाई छू रहे कच्चे तेल के दामों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। डाऊ जोन्स इंडेक्स में करीब 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिसके साथ ही यह साल 2026 के लिए निगेटिव जोन में आ गया है। कारोबार के दौरान एक समय यह गिरावट 1,100 अंक से भी अधिक थी।
एसएंडपी और नैस्डैक में उबार, चिपमेकर्स को बड़ा झटका
हालांकि, एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने दिन के निचले स्तर से वापसी की और क्रमशः 0.6% और 0.3% की गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 ने अपने निचले स्तर से 60 अंक और नैस्डैक ने 250 अंक की रिकवरी की। इस बीच, चिपमेकर कंपनियों एनवीडिया और एएमडी के शेयरों में 2.5% तक की गिरावट आई।
खबर है कि अमेरिकी प्रशासन इन कंपनियों द्वारा बनाई गई हाई-ग्रेड चिप्स के आयात के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने वाले नियम बना रहा है, हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये नियम अंतिम नहीं हैं और इनमें बदलाव हो सकता है।
कच्चे तेल ने तोड़े रिकॉर्ड, 2020 के बाद सबसे बड़ी छलांग
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अमेरिकी क्रूड (WTI) ने एक ही दिन में 8.5% की उछाल के साथ 81 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ, जो मई 2020 के बाद इसकी सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर के पार चला गया, हालांकि बाद में यह 84 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने जैसी घटना को 'ब्लैक स्वान' इवेंट कहा जा सकता है, जिसका गंभीर असर बाजारों पर पड़ रहा है।
डॉलर मजबूत, सोना-चांदी पर दबाव, बिटकॉइन की ये है हैसियत
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए 99.44 के उच्च स्तर को छुआ और 99 के ऊपर बंद हुआ। मजबूत डॉलर और फेड द्वारा इस साल एक से अधिक बार ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर फीके पड़ने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। युद्ध के बावजूद ये धातुएं अपना प्रीमियम नहीं बचा पाईं। दूसरी ओर, बिटकॉइन की कीमतें भी नरम पड़ी हैं, लेकिन यह 70,000 डॉलर के स्तर को संभाले हुए है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और आगे का रास्ता
इंटरएक्टिव ब्रोकर्स के रणनीतिकार स्टीव सोसनिक ने कहा कि अगर युद्ध का कोई जल्द हल नहीं निकलता है तो निवेशकों को और सतर्कता बरतने की जरूरत है। बीओए सिक्योरिटीज ने आगाह किया है कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से ऊंचे तेल दाम आने वाले महीनों में महंगाई और महंगाई की उम्मीदों पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
आज सभी की नजरें अमेरिका में आने वाले नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर होंगी, जिसमें फरवरी महीने में करीब 50,000 नौकरियां जुड़ने का अनुमान है। इसके अलावा, रिटेल सेल्स और बेरोजगारी दर के आंकड़े भी जारी किए जाएंगे।




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