निवेशकों को रास नहीं आया कंपनी का नया प्लान, शेयर क्रैश, 13% से अधिक लुढ़के
Stock Crash: आज शेयर मार्केट में तेजी के बावजूद कृषि रसायन कंपनी UPL लिमिटेड के शेयर में 13% से अधिक की गिरावट दर्ज की जा रही है। इस गिरावट के पीछे कंपनी का वह नया प्लान है, जिसमें कंपनी ने रेस्ट्रक्चरिंग का ऐलान की है।

आज शेयर मार्केट में तेजी के बावजूद कृषि रसायन कंपनी UPL लिमिटेड के शेयर में 13% से अधिक की गिरावट दर्ज की जा रही है। इस गिरावट के पीछे कंपनी का वह नया प्लान है, जिसमें कंपनी ने रिस्ट्रक्चरिंग का ऐलान की है। इस योजना के बाद ब्रोकरेज फर्मों और निवेशकों की नकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। बीएसई पर कंपनी का शेयर 13.48% लुढ़ककर 650.40 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो इसके पिछले बंद भाव 751.75 रुपये से काफी कम है।
क्या है कंपनी का नया प्लान
UPL ने पिछले शुक्रवार को एक महत्वाकंक्षी 3 फेज की पुनर्गठन योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत कंपनी 'UPL ग्लोबल' (जिसे UPL 2 नाम दिया गया है) नाम से एक एकीकृत भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रॉप प्रोटेक्शन प्लैटफॉर्म बनाने जा रही है। कंपनी का लक्ष्य इसे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड शुद्ध फसल सुरक्षा कंपनी के रूप में स्थापित करना है।
इस जटिल योजना में कई कदम शामिल हैं, जैसे UPL SAS का UPL में विलय, भारतीय फसल सुरक्षा कारोबार का UPL ग्लोबल में अलग होना, और UPL केमैन का UPL 2 में विलय। साथ ही, इसके बीज और डेको कारोबार को इंटीग्रेट करते हुए अद्वंता के आईपीओ की भी योजना है।
इस पुनर्गठन के बाद भी UPL मूल कंपनी (पेरेंट) और कैपिटल एलोकेटर बनी रहेगी। कंपनी का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कंपनी पर लगने वाले 'समूह छूट' को खत्म करने में मदद मिल सकती है।
यह पुनर्गठन समूह को दो अलग-अलग और स्पष्ट रूप से तुलना योग्य नेट-प्ले कारोबारों में बांट देता है। UPL 2 (UPL ग्लोबल) एक वैश्विक फसल सुरक्षा मंच होगा, जबकि UPL 1 (मूल कंपनी) विनिर्माण-आधारित बी2बी कारोबार पर केंद्रित होगा।
ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?
इस कदम से सब्सिडियरी स्तर पर पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, कर्ज घटाने की प्रक्रिया तेज होगी और कंपनी के वैल्यूएशन को फिर से बेहतर बनाने का रास्ता मजबूत होगा। हालांकि, सभी ब्रोकरेज इस बदलाव को सकारात्मक नहीं मान रहे हैं।
नुवामा रिसर्च
नुवामा रिसर्च का मानना है कि यह योजना मौजूदा कर्ज के बोझ को कम नहीं करती है। उनका कहना है कि यह लेन-देन नकद और कर के लिहाज से न्यूट्रल है और इससे कैपिटल स्ट्रक्चर पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। हालांकि, पुनर्गठन के बाद कुल कर्ज दो संस्थाओं में बंट जाएगा, लेकिन कर्ज का स्तर कम नहीं होगा। UPL ग्लोबल पर लगभग 19,000 करोड़ रुपये और स्टैंडअलोन कारोबार पर लगभग 3,200 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज रहने का अनुमान है। इसलिए, उन्होंने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर 'होल्ड' कर दी है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि इस पुनर्गठन से UPL ग्लोबल और अद्वंता अलग-अलग नेट-प्ले कारोबार बन जाएंगे। इससे निवेशकों को दोनों कारोबारों का उनके वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के आधार पर अलग-अलग मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा। हालांकि, उन्होंने भी स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है।
UPL शेयर का हालिया प्रदर्शन
आज की भारी गिरावट के बावजूद, UPL के शेयर ने पिछले एक साल में 2.55% की बढ़त दर्ज की है। वहीं, पिछले दो वर्षों में इसमें 41% की उछाल आई है। हालांकि, कैलेंडर वर्ष 2024 (YTD) की शुरुआत से अब तक शेयर में 18% की गिरावट आ चुकी है और पिछले तीन महीनों में यह 12% लुढ़का है। 55,800 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाला यह शेयर बीएसई 200 इंडेक्स का हिस्सा है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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