UltraTech settles JAL dispute agrees to redeem 1k cr rs shares good news for adani group check detail अल्ट्राटेक सीमेंट ने निपटाया बड़ा विवाद, प्रतिद्वंदी अडानी समूह को होगा फायदा!, Business Hindi News - Hindustan
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अल्ट्राटेक सीमेंट ने निपटाया बड़ा विवाद, प्रतिद्वंदी अडानी समूह को होगा फायदा!

अल्ट्राट्रेक के इस समझौते से कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की संपत्तियों के मौद्रीकरण में मदद मिलेगी। दरअसल, इसमें प्रतिद्वंद्वी गौतम अडानी समूह सफल समाधान आवेदक रहा है।

Thu, 26 March 2026 10:46 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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अल्ट्राटेक सीमेंट ने निपटाया बड़ा विवाद, प्रतिद्वंदी अडानी समूह को होगा फायदा!

प्रमुख सीमेंट मैन्युफैक्चरर कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने डल्ला सुपर यूनिट और संबंधित खानों को लेकर जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के साथ मध्यस्थता विवाद का निपटारा कर लिया है। अल्ट्राटेक सीमेंट ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अल्ट्राटेक सीमेंट ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि उत्तर प्रदेश में स्थित डल्ला सुपर यूनिट और खानों के लिए एस्क्रो खाते में रखे गए 1,00,000 विमोच्य तरजीही शेयर (सीरीज ए आरपीएस) जिनमें प्रत्येक का अंकित मूल्य 1,00,000 रुपये था और कुल मिलाकर 1,000 करोड़ रुपये बनते थे, अब जारी कर दिए गए हैं। अल्ट्राटेक ने कहा कि 26 मार्च, 2026 को मध्यस्थता के समझौते और अंतिम निर्णय के बाद डल्ला सुपर यूनिट और खानों में सभी अधिकार पूरी तरह से कंपनी को मिल गए हैं और इससे जुड़े सभी दावे, आय और जिम्मेदारियां समाप्त हो गई हैं। इस समझौते के बाद अल्ट्राटेक और कर्ज में डूबी जेएएल के बीच लंबे समय से जारी विवाद का अंत हो गया है। बता दें कि डल्ला सुपर यूनिट और खानें उत्तर प्रदेश में हैं।

अडानी समूह को फायदा

इस समझौते से कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की संपत्तियों के मौद्रीकरण में मदद मिलेगी। दरअसल, इसमें प्रतिद्वंद्वी गौतम अडानी समूह सफल समाधान आवेदक रहा है। अडानी समूह ने जेएएल को खरीदने के लिए 14,535 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, वेदांता समूह ने इसे चुनौती दी है।

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अल्ट्राटेक और अडानी, दोनों ही सीमेंट क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और अडानी समूह अपनी मौजूदा फैक्ट्रियों में अधिग्रहण और विस्तार के जरिये उत्पादन बढ़ा रहा है। अडानी समूह के पास अंबुजा सीमेंट्स, एसीसी, सांघी इंडस्ट्रीज जैसे बड़े ब्रांड हैं।

जयप्रकाश एसोसिएट्स के बारे में

जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास रियल एस्टेट, सीमेंट, होटल और बिजली क्षेत्र में बड़ी संपत्तियां हैं। इनमें ग्रेटर नोएडा में 'जेएपी ग्रीन्स', नोएडा में 'विशटाउन' और जेवर हवाई अड्डे के पास 'इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी' जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, जिसके चलते जून, 2024 में इसे दिवाला प्रक्रिया में डाला गया था।

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एनसीएलएटी ने दी है राहत

हाल ही में अडानी समूह को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के अधिग्रहण को लेकर राहत दी है। दरअसल, वेदांता समूह ने एनसीएलटी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अडानी की बोली को मंजूरी दी गई थी।

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सुनवाई के दौरान वेदांता के वकील ने दलील दी कि उन्हें कर्जदाताओं की समिति ने सबसे बड़ा बोलीदाता घोषित किया था। वेदांता की बोली 16,726 करोड़ रुपये की थी, जबकि अडानी एंटरप्राइजेज की बोली 14,535 करोड़ रुपये थी। ऋणदाताओं ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत थी। बैंकों का तर्क है कि केवल ऊंची बोली देना ही जीत की गारंटी नहीं है। अडानी की योजना को इसलिए पसंद किया गया क्योंकि वे 6,000 करोड़ रुपये नकद और दो साल के भीतर भुगतान की पेशकश कर रहे थे, जबकि वेदांता का भुगतान समय पांच साल तक लंबा था।

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