Tata Sons listing rbi urged to direct and reject application check detail टाटा संस की लिस्टिंग का बढ़ा दबाव, प्रॉक्सी एडवाइजरी ने RBI से की ये अपील, Business Hindi News - Hindustan
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टाटा संस की लिस्टिंग का बढ़ा दबाव, प्रॉक्सी एडवाइजरी ने RBI से की ये अपील

प्रॉक्सी एडवाइजरी इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से आग्रह किया है कि वह टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करे। बता दें कि टाटा की होल्डिंग कंपनी टाटा संस लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये की एसेट्स को नियंत्रित करती है।

Sat, 2 May 2026 10:50 AMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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टाटा संस की लिस्टिंग का बढ़ा दबाव, प्रॉक्सी एडवाइजरी ने RBI से की ये अपील

टाटा की होल्डिंग कंपनी टाटा संस पर शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर चौतरफा दबाव बन रहा है। इसी कड़ी में अब प्रॉक्सी एडवाइजरी या संस्थागत निवेशकों को सलाह देने वाली कंपनी इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से आग्रह किया है कि वह टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करे। इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने कहा कि हाई लेयर वाली एनबीएफसी के रूप में मार्च 2027 तक सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। इनगवर्न ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा नियामकीय आउटलुक में इतने बड़े संस्थान को लिस्टिंग से छूट देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचा है।

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इसके साथ ही सलाहकार फर्म ने यह मांग भी रखी है कि टाटा संस द्वारा प्रमुख निवेश कंपनी (सीआईसी) के रूप में रजिस्ट्रेशन समाप्त करने के आवेदन को आरबीआई औपचारिक रूप से खारिज कर दे। बता दें कि टाटा संस ने मार्च 2024 में यह आवेदन दायर किया था, जिसे फर्म ने सार्वजनिक सूचीबद्धता से बचने की एक कोशिश बताया। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में जारी संशोधित नियामकीय दिशा-निर्देशों के बाद यह आवेदन प्रक्रियात्मक और वास्तविक रूप से अप्रासंगिक हो गया है।

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फर्म ने कहा कि स्किल-आधारित नियमन (एसबीआर) स्ट्रक्चर के तहत अनिवार्य सूचीबद्धता से बचने का प्रयास मौजूदा वित्तीय निगरानी मानकों के अनुरूप नहीं है। इनगवर्न ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सूचीबद्धता नियम समूह स्तर पर संबंधित पक्षों में लेनदेन और पूंजी आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। खासकर टाटा संस के तहत टीसीएस, टाटा मोटर्स और टाटा पावर जैसी बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के आने से यह जरूरी है।

मार्च 2024 के आवेदन को खारिज करने की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई को मार्च 2024 के आवेदन को खारिज करते हुए स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए ताकि एसबीआर स्ट्रक्चर की विश्वसनीयता बनी रहे और टाटा समूह में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके।

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फर्म ने यह भी कहा कि अप्रैल 2026 के ड्राफ्ट दिशानिर्देशों के तहत एक लाख करोड़ रुपये की एसेट लिमिट को हाई लेयर वाली एनबीएफसी के रूप में वर्गीकरण के लिए मानक बनाया जाना चाहिए। इस आधार पर टाटा संस अपने आकार के कारण स्वतः ही इस श्रेणी में आ जाती है। हालांकि, टाटा संस की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। बता दें कि टाटा की होल्डिंग कंपनी टाटा संस लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये की एसेट्स को नियंत्रित करती है।

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