Solar company stocks surges huge today after this news सोलर कंपनी के शेयर को खरीदने की लूट, इस वजह से लग रहा दनादन दांव, Business Hindi News - Hindustan
More

सोलर कंपनी के शेयर को खरीदने की लूट, इस वजह से लग रहा दनादन दांव

Solar Stocks: एसीएमई सोलर होल्डिंग्स और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर गुरुवार को कमजोर बाजार के बीच भी चमकते नजर आए।

Thu, 19 March 2026 05:52 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
share
सोलर कंपनी के शेयर को खरीदने की लूट, इस वजह से लग रहा दनादन दांव

Solar Stocks: एसीएमई सोलर होल्डिंग्स और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर गुरुवार को कमजोर बाजार के बीच भी चमकते नजर आए। जहां एक तरफ BSE सेंसेक्स करीब 2% से ज्यादा गिरकर 75,000 के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं इन दोनों ग्रीन एनर्जी कंपनियों के स्टॉक्स में अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इंट्रा डे में एसीएमई सोलर का शेयर लगभग 4.67% बढ़कर ₹260.1 पर था, जबकि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी करीब 2.27% चढ़कर ₹100.09 पर ट्रेड कर रहा था।

क्या है डिटेल

अगर अलग-अलग देखें तो एसीएमई सोलर के शेयरों में लगातार तीसरे दिन तेजी बनी रही। कंपनी ने 17 मार्च 2026 को जानकारी दी थी कि उसकी सब्सिडियरी एसीएमई इको क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के टिटोड़ा गांव में चल रहे 100 मेगावाट के विंड पावर प्रोजेक्ट में 8 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता शुरू कर दी है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट की कुल ऑपरेशनल क्षमता 84 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:₹5 से कम के इस शेयर को खरीदने की जबरदस्त होड़, लगा 20% का अपर सर्किट

वहीं, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर भी लगातार दूसरे दिन बढ़त में रहे। कंपनी ने हाल ही में गुजरात के खावड़ा-II सोलर पीवी प्रोजेक्ट में 165 मेगावाट की चौथी यूनिट को कमर्शियल ऑपरेशन में लाने का ऐलान किया है। यह 1,200 मेगावाट की बड़ी परियोजना का हिस्सा है और इससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता और मजबूत हुई है।

मार्केट एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन दोनों स्टॉक्स में तेजी के पीछे कंपनी से जुड़े खास कारणों के साथ-साथ सेक्टर का सपोर्ट भी है। बोनान्जा के एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली के मुताबिक, एनटीपीसी ग्रीन की बढ़ती क्षमता और एसीएमई सोलर का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट जैसे कदम निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि BESS तकनीक कंपनियों को पीक डिमांड के समय ज्यादा दाम पर बिजली बेचने का मौका देती है, जिससे मुनाफा बढ़ सकता है।

क्या है वजह

सेक्टर के स्तर पर भी माहौल ग्रीन एनर्जी के पक्ष में दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के चलते हुआ है। ऐसे में रिन्यूएबल एनर्जी को एक सुरक्षित विकल्प यानी “जियोपॉलिटिकल हेज” के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इस सेक्टर में निवेश बढ़ने की संभावना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोने-चांदी के रेट में भूचाल, ₹13000 टूटी चांदी, गोल्ड के रेट में भी भारी गिरावट
ये भी पढ़ें:रॉकेट बन गया अडानी का यह शेयर, बाजार में हाहाकार के बावजूद खरीदने की मची लूट

आने वाले समय की बात करें तो रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ने वाली है। अनुमान है कि FY2026 तक कुल बिजली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 26% तक पहुंच सकती है, जबकि FY2032 तक कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी में इसका योगदान करीब 59% हो सकता है। हालांकि, इसके लिए बैटरी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज जैसी तकनीकों का तेजी से विस्तार जरूरी होगा। कुल मिलाकर, मजबूत सरकारी नीतियों और बढ़ती मांग के चलते ग्रीन एनर्जी सेक्टर का आउटलुक फिलहाल स्थिर और सकारात्मक बना हुआ है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,