रेलिगेयर की रश्मी सलूजा ने ‘खेल’ कर बचा लिए थे ₹2 करोड़, अब सेबी का बड़ा एक्शन
सेबी ने सलूजा को गलत तरीके से कमाए गए 1.99 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही बिक्री की तारीख से जमा की तारीख तक 12 प्रतिशत प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज भी देना होगा।

बाजार नियामक सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की पूर्व कार्यकारी चेयरमैन रश्मी सलूजा पर बड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने सलूजा पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सेबी ने उन्हें कंपनी के शेयर बेचकर लगभग दो करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया गया है।
सेबी ने क्या कहा?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने आदेश में कहा कि सलूजा ने बर्मन समूह के रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरों में खुली पेशकश से संबंधित जानकारी के आधार पर रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयर बेचे और 1.99 करोड़ रुपये के नुकसान से बच गईं। सेबी के अनुसार, सलूजा 20 सितंबर 2023 के बाद लेकिन 25 सितंबर 2023 से पहले रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरों की बिक्री के संबंध में इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल रहीं। उसी तारीख (25 सितंबर) को खुली पेशकश से संबंधित अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसेटिव इंफॉर्मेशन यानी यूपीएसआई सार्वजनिक किया गया था।
नियामक ने अपने आदेश में कहा- सलूजा के पास बर्मन ग्रुप द्वारा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरों में प्रस्तावित खुली पेशकश से संबंधित कीमत से जुड़ी अप्रकाशित संवेदनशील सूचना थी और 21 और 22 सितंबर, 2023 को उनकी रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरों की बिक्री इसी सूचना पर आधारित थी। यह बिक्री नुकसान से बचने के इरादे से की गई थी। आदेश में कहा गया कि सलूजा शेयर बाजार मंच पर यूपीएसआई का खुलासा करने से पहले रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयर बेचकर लगभग 1.99 करोड़ रुपये के नुकसान से बच गईं।
सेबी ने सलूजा को गलत तरीके से कमाए गए 1.99 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही बिक्री की तारीख से जमा की तारीख तक 12 प्रतिशत प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज भी देना होगा। नियामक ने उन पर 40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश सेबी को नवंबर, 2023 में बर्मन समूह से मिली शिकायत के बाद आया। शिकायत में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरों में सलूजा द्वारा किए गए लेन-देन की जांच का अनुरोध किया गया था।
सेबी का क्या है प्लान
इस बीच, खबर है कि सेबी बॉन्ड बाजार को विस्तार देने और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए वितरकों की एक नई श्रेणी शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य बॉन्ड यानी डेट उत्पादों की पहुंच को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड क्षेत्र की तरह ऐसे वितरकों की जरूरत है, जो खुदरा निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को सरल बना सकें, जिसमें केवाईसी प्रावधान और ट्रांजैक्शन की शुरुआत शामिल है।




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