PM मोदी की अपील के बाद एक्शन मोड में सेबी, वर्क फ्रॉम होम समेत लिए ये फैसले
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने अपने कुछ कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है। बता दें कि बीते दिनों पीएम मोदी ने ईंधन बचत के लिए कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम की अपील की थी।

शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने अपने कुछ कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है। इसके साथ ही सेबी ने अपने अलग-अलग डिपार्टमेंट्स से कॉन्क्लेव को टाल देने के लिए भी कहा है। इसके अलावा, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। सेबी ने ये कदम पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उठाया है। बता दें कि बीते दिनों पीएम मोदी ने ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा भंडार के कम खर्च को लेकर देश के लोगों से अपील की थी। इसके तहत उन्होंने ईंधन की बचत के लिए कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेड ‘A’ से ‘C’ तक के अधिकारियों को रोटेशन के आधार पर हफ्ते में एक बार घर से काम करने की अनुमति होगी। ग्रेड A से C में असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर और असिस्टेंट जनरल मैनेजर शामिल हैं।
हालांकि, ग्रुप D (डिप्टी जनरल मैनेजर) और उससे ऊपर के अधिकारियों को नियमित रूप से ऑफिस आकर काम करना होगा। इसके अलावा, चेयरमैन, पूर्णकालिक सदस्यों के ऑफिस से जुड़े और सेक्रेटेरियल कैडर में तैनात स्टाफ को भी नियमित रूप से ऑफिस आना होगा। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों के सेक्रेटरी, अकाउंट असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सेबी की ओर से इस बात पर जोर दिया गया है कि चीफ जनरल मैनेजर, क्षेत्रीय निदेशक और वर्टिकल हेड को ग्रेड A से C के अधिकारियों के लिए एक समय-समय पर बदलने वाली रोस्टर तैयार करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि कम से कम 50 प्रतिशत अधिकारी ऑफिस में मौजूद रहें। घर से काम करने वाले अधिकारियों से कहा गया है कि वे डेटा सुरक्षा का ध्यान रखें, गोपनीयता बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर ऑफिस आकर काम करने के लिए तैयार रहें।
सेबी की और क्या है सलाह?
सेबी की एडवाइजरी में गैर-जरूरी अंदरूनी कार्यक्रमों पर रोक लगाने की बात भी कही गई है। इसमें विभागों को खास तौर पर निर्देश दिया गया है कि वे ब्रेनस्टॉर्मिंग प्रोग्राम, आपसी मेलजोल के कार्यक्रम और कॉन्क्लेव को 8 हफ्तों के लिए टाल दें। एडवाइजरी में कहा गया है कि इन आठ हफ्तों के दौरान ऐसे कोई भी नए कार्यक्रम तय नहीं किए जाने चाहिए। सेबी ने कर्मचारियों से है कि जहां भी मुमकिन हो, वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रियायती बस सेवा, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करें।
इसके अलावा, सेबी ने बेवजह की आवाजाही और बिजली की खपत कम करने के लिए वर्चुअल मीटिंग्स के ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। सेबी ने सलाह दी है कि स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जानी चाहिए। इस सलाह में कहा गया है कि बाहरी स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग्स जहां तक हो सके, वर्चुअल तरीके से की जा सकती हैं।




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