सैलरीड कर्मचारी 31 मार्च से पहले जरूर कर लें यह काम वरना होगा बड़ा नुकसान
अगर आप सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी हैं और एलटीए के दायरे में आते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मार्च में LTA क्लेम करते समय ये गलतियां आपकी टैक्स छूट खत्म कर सकती हैं। जानें LTA के नियम, ओल्ड टैक्स रिजीम में फायदा कैसे लें और किन खर्चों पर मिलता है बेनिफिट?

अगर आप सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी हैं और एलटीए के दायरे में आते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 31 मार्च से पहले आपको हर हाल में LTA क्लेम करना होगा वरना बड़ा नुकसान हो सकता है। मार्च का महीना आते ही सैलरीड कर्मचारियों के बीच टैक्स प्लानिंग तेज हो जाती है। इसी दौरान कई लोग LTA क्लेम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से हर साल बड़ी संख्या में लोग इस टैक्स छूट से वंचित रह जाते हैं। अगर आप भी LTA का फायदा लेना चाहते हैं, तो इसके नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
क्या होता है LTA? कैसे मिलता है टैक्स फायदा
LTA सैलरी का एक हिस्सा होता है, जिसके जरिए कर्मचारी भारत के भीतर यात्रा करने पर टैक्स छूट ले सकते हैं। यह आयकर अधिनियम की धारा 10(5) के तहत आता है। इसमें कर्मचारी, उसकी पत्नी/पति, बच्चे और आश्रित माता-पिता या भाई-बहन शामिल होते हैं। सरल शब्दों में कहें तो आप यात्रा करते हैं, टिकट का प्रूफ देते हैं और उतनी रकम आपकी टैक्सेबल इनकम से बाहर हो जाती है।
सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में ही मिलेगा फायदा
LTA का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि यह केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में ही उपलब्ध है। अगर आपने नई टैक्स व्यवस्था चुन ली है, तो आप LTA का लाभ नहीं ले सकते है, चाहे आपने यात्रा पर कितना भी खर्च किया हो।
क्या-क्या खर्च शामिल होगा और क्या नहीं
LTA में यात्रा का किराया (टिकट) ही शामिल होता है। इसमें शामिल हैं, फ्लाइट (इकोनॉमी क्लास तक), ट्रेन (AC फर्स्ट क्लास तक), बस (डीलक्स/फर्स्ट क्लास तक), लेकिन ये खर्च शामिल नहीं होते जैसे होटल का बिल, खाने-पीने का खर्च, लोकल टैक्सी या कैब घूमने-फिरने (साइटसीइंग) का खर्च यानी अगर आपने टिकट के अलावा कुछ भी जोड़कर क्लेम किया, तो आपका LTA रिजेक्ट हो सकता है।
एक और जरूरी नियम: सिर्फ घरेलू यात्रा
LTA सिर्फ भारत के अंदर की यात्रा पर लागू होता है। अगर आपकी ट्रिप में एक भी इंटरनेशनल हिस्सा शामिल है, तो पूरा क्लेम अमान्य हो जाएगा।
ब्लॉक ईयर का नियम समझना जरूरी: LTA हर 4 साल के ब्लॉक में 2 बार क्लेम किया जा सकता है। वर्तमान ब्लॉक 2022–2025 है। अगर आपने इस ब्लॉक में एक क्लेम नहीं किया, तो उसे 2026 में (अगले ब्लॉक के पहले साल) इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद यह मौका खत्म हो जाता है।
ये 3 गलतियां सबसे ज्यादा होती हैं
टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, LTA क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह ये गलतियां हैं...
1. खर्चों को मिलाना: कई लोग होटल, खाना और लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च भी जोड़ देते हैं, जो गलत है।
2. सही डॉक्यूमेंट्स न देना: टिकट, बोर्डिंग पास और बिल जरूरी हैं। बिना प्रूफ के क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
3. समय पर ITR फाइल न करना: अगर आपने समय पर रिटर्न नहीं भरा, तो LTA का फायदा नहीं मिलेगा।
एम्प्लॉयर की भूमिका भी अहम: LTA अपने आप नहीं मिलता। आपको अपने एम्प्लॉयर को यात्रा के प्रमाण देने होते हैं, जिसके बाद ही वह इसे Form 16 में दिखाता है। अगर डॉक्यूमेंट सही नहीं होंगे, तो क्लेम अटक सकता है।
ऐसे लें पूरा फायदा: अगर आप LTA का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें। जैसे सिर्फ भारत के अंदर यात्रा करें, केवल टिकट का खर्च क्लेम करें, ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनें और समय पर ITR फाइल करें।




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