Putin gov or russia central bank sell 22000 kg gold what reason behind know here जंग ने बिगाड़ी रूस के इकोनॉमी की हालत, खजाने से सोना बेचने को मजबूर पुतिन सरकार, Business Hindi News - Hindustan
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जंग ने बिगाड़ी रूस के इकोनॉमी की हालत, खजाने से सोना बेचने को मजबूर पुतिन सरकार

रूस के सेंट्रल बैंक ने साल 2026 में अब तक 21.8 टन या 22,000 किलोग्राम सोना बेचा है। यूक्रेन से जंग की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था की हालत पतली हो गई है। ऐसे में रूस के पुतिन प्रशासन ने सोने की बिक्री की है।

Thu, 23 April 2026 09:44 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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जंग ने बिगाड़ी रूस के इकोनॉमी की हालत, खजाने से सोना बेचने को मजबूर पुतिन सरकार

यूक्रेन से जंग की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था की हालत पतली हो गई है। ऐसे में रूस के पुतिन प्रशासन ने सोने की बिक्री की है। रूस के सेंट्रल बैंक ने साल 2026 में अब तक 21.8 टन या 22,000 किलोग्राम सोना बेचा है। इस देश के सेंट्रल बैंक ने बताया कि एक अप्रैल 2026 तक सोने का भंडार 2,304.76 टन था, जो अकेले मार्च महीने में 6.22 टन की गिरावट को दिखाता है।

क्यों लिया गया फैसला?

देश के बढ़ते बजट घाटे की वजह से पुतिन प्रशासन ने यह फैसला लिया है। बजट घाटा मार्च के अंत तक 61.2 बिलियन डॉलर तक पहुच गया था। मॉस्को एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चला कि मार्च में सोने के व्यापार की मात्रा साल-दर-साल 350% से अधिक बढ़कर 42.6 टन हो गई। इसमें 28.6 टन स्वैप डील में और 14 टन स्पॉट डील में शामिल था। मूल्य के हिसाब से यह और भी ज्यादा था। इसका मुख्य कारण रूबल का कमजोर होना था। बता दें कि रूबल रूस की करेंसी है।

लगातार बढ़ा है सोने का भंडार

रूस ने 2002 से 2025 के बीच अपने सोने के भंडार को लगातार बढ़ाया है और इस दौरान 1,900 टन से अधिक सोना जमा किया। इसमें 2008 से 2012 के बीच 500 टन से थोड़ा ज्यादा और 2014 से 2019 के बीच लगभग 1,200 टन की खरीद शामिल है। हालांकि, Finam के विश्लेषक निकोलाई दुदचेंको के अनुसार साल 2020 के बाद से प्योर गोल्ड खरीद में काफी कमी आई है और यह लगभग 55.4 टन रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई केंद्रीय बैंक इस समय बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेच रहे हैं। इन खर्चों में रक्षा खर्च, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और घरेलू मुद्राओं को सहारा देने के उपाय शामिल हैं।

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बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच करीब 4 साल से जंग छिड़ी हुई है। इस माहौल के बीच यूक्रेन को यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को अगले दो वर्षों के लिए उसकी आर्थिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद के वास्ते 106 अरब अमेरिकी डॉलर के लोन पैकेज को मंजूरी दे दी। यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन पर रूस के युद्ध को लेकर उसके खिलाफ नए प्रतिबंधों को भी मंजूरी दे दी है। इन उपायों को इस साल की शुरुआत में तैयार किया गया था और संघर्ष का चौथा साल पूरा होने पर फरवरी में इनकी घोषणा की जानी थी लेकिन हंगरी और स्लोवाकिया ने इस कदम का विरोध किया।

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जनवरी में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद रूस द्वारा यूरोपीय संघ के इन दोनों देशों को तेल की आपूर्ति रोक दिए जाने के चलते हंगरी और स्लोवाकिया का यूक्रेन के साथ विवाद हो गया था। यूक्रेनी अधिकारियों ने पाइपलाइन क्षति के लिए रूसी ड्रोन हमलों को जिम्मेदार ठहराया था।

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