पीएम किसान के पूरे हुए 7 साल, कब आएगी 22वीं किस्त? जानिए लेटेस्ट अपडेट
PM Kisan 22nd Installment: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद से अब तक 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।

PM Kisan 22nd Installment: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) ने 24 फरवरी 2026 को अपने 7 साल पूरे कर लिए। साल 2019 में शुरू हुई इस योजना का मकसद छोटे और सीमांत किसानों को सीधी आर्थिक मदद देना है। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यह पैसा सीधे आधार-सीडेड बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए ट्रांसफर होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद से अब तक 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।
कब जारी हुई थी 21वीं किस्त
नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त जारी की थी। उस दौरान 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में भेजी गई थी। इससे पहले अगस्त 2025 में जारी 20वीं किस्त का लाभ करीब 9.8 करोड़ किसानों को मिला था, जिनमें लगभग 2.4 करोड़ महिलाएं शामिल थीं। सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों को खेती के लिए जरूरी इनपुट खरीदने, फसल की देखभाल करने और साहूकारों पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
कब आएगी 22 वीं किस्त
अब किसानों की नजर 22वीं किस्त पर टिकी है। फिलहाल 26 फरवरी 2026 तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, पिछली किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली 2,000 रुपये की किस्त मार्च 2026 के अंत तक जारी हो सकती है। कुछ जानकारों का मानना है कि तारीख की घोषणा फरवरी के बचे दिनों में हो सकती है और होली के बाद रकम खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। लेकिन जब तक सरकार की ओर से औपचारिक ऐलान नहीं होता, तब तक इसे लेकर पूरी तरह पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
शिवराज सिंह चौहान का बयान
इस बीच, किसानों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये सालाना उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने की वकालत की है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो किसानों को खाद खरीदने में ज्यादा आजादी मिलेगी और सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। माना जा रहा है कि इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
उधर, सरकार ने पीएम-किसान योजना को डिजिटल रूप से और मजबूत किया है। 24 फरवरी 2020 को लॉन्च किया गया मोबाइल ऐप अब रजिस्ट्रेशन, स्टेटस चेक और ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं देता है। साल 2023 में फेस ऑथेंटिकेशन फीचर भी जोड़ा गया, जिससे दूरदराज के किसान बिना ओटीपी या फिंगरप्रिंट के भी ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। ऐसे में 22वीं किस्त से पहले किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे पोर्टल या ऐप पर जाकर अपना स्टेटस जरूर चेक करें और ई-केवाईसी जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी रखें, ताकि अगली किस्त आने पर उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।




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