Petrol and diesel prices are stable refinery prices are being frozen पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे? सरकार कर रही बड़ी तैयारी, चेक करें डिटेल, Business Hindi News - Hindustan
More

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे? सरकार कर रही बड़ी तैयारी, चेक करें डिटेल

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं करने की वजह से उन्हें हो रहे घाटे को कम करने के लिए रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं।

Sun, 15 March 2026 04:49 PMVarsha Pathak भाषा
share
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे? सरकार कर रही बड़ी तैयारी, चेक करें डिटेल

Petrol Diesel Price: सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं करने की वजह से उन्हें हो रहे घाटे को कम करने के लिए रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं। इस कदम से एमआरपीएल, सीपीसीएल और एचएमएल जैसी एकल रिफाइनरी कंपनियों पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्या है डिटेल

पश्चिम एशिया संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। हालांकि, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को इस बढ़ोतरी का बोझ खुद उठाना पड़ रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:₹1.60 लाख से नीचे आया सोना, अब आगे और गिरेगा भाव? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

क्या है योजना

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ओएमसी अब रिफाइनरी हस्तांतरण शुल्क (आरटीपी) पर रोक लगाने या उस पर छूट तय करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। आरटीपी वह आंतरिक कीमत होती है, जिस पर रिफाइनरियां अपने विपणन खंड को ईंधन बेचती हैं। इस कदम का मकसद रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयात-समता लागत से कम भुगतान करना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:₹30 के शेयर पर कल से रखें नजर, 18 मार्च को होने वाला है बड़ा ऐलान

यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इस प्रस्तावित कदम से रिफाइनरियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ आरटीपी के जरिये आगे नहीं बढ़ा पाएंगी और उन्हें इस प्रभाव का एक हिस्सा खुद वहन करना होगा। सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) जैसी एकीकृत कंपनियां अपने रिफाइनिंग और विपणन परिचालन के बीच इस घाटे की भरपाई कर सकती हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:₹30 के शेयर पर कल से रखें नजर, 18 मार्च को होने वाला है बड़ा ऐलान
ये भी पढ़ें:टॉप 10 कंपनियों के एमकैप में ₹4.48 लाख करोड़ की गिरावट, इन कंपनियों को फायदा

दूसरी ओर मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल), चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) जैसी एकल रिफाइनरियों का खुदरा बाजार में नहीं के बराबर दखल है और वे अपना अधिकांश उत्पादन इन्हीं तीन ओएमसी को बेचती हैं। ऐसे में उनके मार्जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

सूत्रों ने यह भी कहा कि यदि आरटीपी पर रोक या छूट निजी रिफाइनरियों पर भी लागू की जाती है, तो नायरा एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसे रिफाइनरी कंपनियां भी प्रभावित होंगी। ये दोनों निजी कंपनियां अपने उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा ओएमसी को बेचती हैं।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,