Oil prices climb 5pc after Trump says he does not want to extend Iran ceasefire, check details पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत! तेल बाजार में हलचल; 5% उछला क्रूड ऑयल, Business Hindi News - Hindustan
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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत! तेल बाजार में हलचल; 5% उछला क्रूड ऑयल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डोनॉल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सीजफायर न बढ़ाने वाले बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% की तेज बढ़त देखने को मिली है। सप्लाई रूट स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) पर खतरे और अनिश्चितता के कारण बाजार में डर बढ़ा है। 

Wed, 22 April 2026 03:06 AMSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत! तेल बाजार में हलचल; 5% उछला क्रूड ऑयल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को जोरदार उछाल देखने को मिला। डोनॉल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक बयान के बाद तेल की कीमतें करीब 5% तक बढ़ गईं, जिससे पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई। ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिकी सेना कार्रवाई के लिए तैयार है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

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इस बयान का असर तुरंत बाजार पर दिखा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब $99.78 प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल WTI (West Texas Intermediate) भी बढ़कर लगभग $94.36 प्रति बैरल हो गया। तेल की कीमतों में यह उछाल सीधे तौर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का नतीजा है।

क्यों बढ़ी तेल की कीमत?

तेल की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ईरान-अमेरिका तनाव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने एक ईरानी ऑयल टैंकर को समुद्र में रोक लिया, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि ईरान शांति वार्ता में शामिल होगा या नहीं। ऐसी अनिश्चितता के कारण निवेशकों में डर बढ़ जाता है और वे तेल जैसे कमोडिटी में पैसा लगाते हैं, जिससे कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर

तेल सप्लाई के लिए दुनिया का सबसे अहम रास्ता स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) भी इस तनाव से प्रभावित हुआ है। यह रास्ता दुनिया की लगभग 20% तेल और LNG सप्लाई को संभालता है, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि पिछले 24 घंटों में यहां से सिर्फ 3 जहाज ही गुजर पाए। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है, तो तेल की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ सकती है, यानी कि इससे महंगाई (Inflation) बढ़ सकती है। यूरोप में तो हालात को देखते हुए एयरलाइंस के लिए भी एडवाइजरी जारी करने की तैयारी हो रही है, ताकि जेट फ्यूल की कमी जैसी स्थिति से निपटा जा सके।

रूस और यूरोप की स्थिति

इस बीच रूस और यूरोप के बीच तेल सप्लाई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया है कि एक अहम पाइपलाइन दोबारा शुरू हो सकती है, लेकिन दूसरी तरफ खबर है कि रूस मई से कुछ सप्लाई रोक सकता है। इससे भी वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

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आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रह सकता है और सप्लाई चेन बाधित हो सकती है, तो तेल की कीमतें $100 के पार भी जा सकती हैं। हालांकि, अगर कूटनीतिक बातचीत सफल रहती है, तो कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है।

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