NSE extends market closing timing for future and options from 3 aug check new time detail NSE ने ट्रेडिंग की टाइमिंग में किया बदलाव, निवेशकों के लिए जानना जरूरी, Business Hindi News - Hindustan
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NSE ने ट्रेडिंग की टाइमिंग में किया बदलाव, निवेशकों के लिए जानना जरूरी

NSE ने यह भी साफ किया कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट के क्लोजिंग प्राइस तय करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अब क्लोजिंग प्राइस निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाला वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच हुए सौदों के आधार पर तय होगा।

Sat, 30 May 2026 09:06 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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NSE ने ट्रेडिंग की टाइमिंग में किया बदलाव, निवेशकों के लिए जानना जरूरी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शेयर बाजार के कारोबार में बड़ा बदलाव करते हुए इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के सामान्य ट्रेडिंग समय को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत ट्रेडिंग की टाइमिंग में 10 मिनट की बढ़ोतरी की गई है। अब डेरिवेटिव्स मार्केट शाम 3:40 बजे तक खुला रहेगा। NSE ने यह भी साफ किया कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट के क्लोजिंग प्राइस तय करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अब क्लोजिंग प्राइस निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाला वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच हुए सौदों के आधार पर तय होगा। बता दें कि पहले डेरिवेटिव्स मार्केट की क्लोजिंग 3:30 बजे तक हो जाती थी। हालांकि, प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो के समय में कोई बदलाव नहीं होगा।

NSE ने जारी किया सर्कुलर

NSE ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर में बताया कि कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम शुरू होने के बाद डेरिवेटिव्स मार्केट के समय को भी उसके अनुरूप किया जा रहा है। सर्कुलर के मुताबिक यह कदम क्लोजिंग ऑक्शन सेशन(CAS) लागू करने के तहत उठाया गया है। CAS शेयर बाजार में दिन के आखिर में होने वाला एक छोटा-सा खास ट्रेडिंग सेशन होता है। इसका मकसद किसी शेयर का फेयर और पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस तय करना होता है। CAS के दौरान तय किए गए नए प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल नियम डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे।

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NSE ने यह भी कहा कि इस बदलाव को लागू करने से होने वाले कार्यात्मक बदलाव आगामी मॉक ट्रेडिंग सत्रों के दौरान टेस्टिंग के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तिथि से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लीकेशन्स में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें।

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क्लोजिंग ऑक्शन कैसे काम करेगा?

यह सेशन कुल 20 मिनट का होगा। इसमें 3:15 से 3:20 बजे तक ट्रांजिशन फेज रहेगा। 3:20 से 3:25 बजे तक निवेशक मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर डाल सकेंगे। 3:25 से 3:30 बजे के बीच सिर्फ लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी और मार्केट ऑर्डर में बदलाव या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा।

सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर अपडेट

NSE सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) को एक नई गति मिलने वाली है क्योंकि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) खर्च का एक हिस्सा इस प्लेटफॉर्म के जरिए खर्च करने की अनुमति दे दी है। इस बदलाव से गैर-लाभकारी संगठनों के लिए फंडिंग के रास्ते खुलने और सामाजिक प्रभाव वाले इकोसिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होने की उम्मीद है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, हाल में हुए नीतिगत बदलाव से भारत में सामाजिक फंडिंग को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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