10% डिस्काउंट पर कोल इंडिया में शेयर बेच रही सरकार, आप कब से लगा सकेंगे दांव?
सरकार बुधवार से शुरू होने वाली बिक्री पेशकश (ओएफएस) के माध्यम से कोल इंडिया में दो प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी। कोल इंडिया का शेयर मंगलवार को बीएसई में 458.25 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव से 0.25 प्रतिशत अधिक है।

Coal india share price: केंद्र की मोदी सरकार ने कोल इंडिया में हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। सरकार बुधवार से शुरू होने वाली बिक्री पेशकश (ओएफएस) के माध्यम से कोल इंडिया में दो प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी। यह हिस्सेदारी 412 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेची जाएगी। दो प्रतिशत हिस्सेदारी यानी लगभग 12.32 करोड़ शेयर 412 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचने से सरकारी खजाने में लगभग 5,000 करोड़ रुपये आएंगे।
10 प्रतिशत डिस्काउंट पर बिक्री
बता दें कि कोल इंडिया का शेयर मंगलवार को बीएसई में 458.25 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव से 0.25 प्रतिशत अधिक है। वहीं, बिक्री पेशकश के तहत 412 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य मौजूदा बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत डिस्काउंट पर है। गैर-खुदरा निवेशकों के लिए बिक्री पेशकश 27 मई को और खुदरा निवेशकों के लिए 29 मई को खुलने वाली है।
क्या कहा दीपम के सचिव ने?
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया पर लिखा- भारत सरकार कोल इंडिया लिमिटेड में बिक्री पेशकश की घोषणा करती है। इसमें आधार पेशकश कंपनी के इक्विटी शेयर का एक प्रतिशत है। इसमें 'ग्रीन शू' विकल्प यानी अधिक सब्सक्रिप्शल आने की स्थिति में एक प्रतिशत अतिरिक्त बोली रखने का विकल्प रखा गया है। चावला ने कहा कि कोल इंडिया मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन, लगातार लाभ और आकर्षक डिविडेंड के साथ लॉन्ग टर्म निवेश का एक आकर्षक अवसर दे रही है।
दूसरा बड़ी बिक्री पेशकश
चालू वित्त वर्ष में कोल इंडिया की बिक्री पेशकश किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का दूसरा ओएफएस है। पिछले सप्ताह, सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे। बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपये से दोगुने से भी अधिक है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कोल इंडिया ने अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही में टैक्स के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बढ़कर ₹10,908 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹9,740 करोड़ था। ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर ₹46,490 करोड़ हो गया जबकि एबिटा से पहले की कमाई 12 प्रतिशत बढ़कर ₹17,917 करोड़ हो गई।
पूरे वित्त वर्ष के लिए कोल इंडिया का प्रदर्शन कमजोर रहा। वित्त वर्ष 25 के ₹35,450 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 26 में मुनाफा 12 प्रतिशत गिरकर ₹31,071 करोड़ हो गया। परिचालन से राजस्व लगभग स्थिर रहा, जो ₹1.68 लाख करोड़ था, जबकि EBITDA 11 प्रतिशत घटकर ₹53,276 करोड़ रह गया।




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