पेट्रोल पर सरकार का बड़ा फैसला, 3 रुपये बढ़ गया टैक्स, क्या महंगा हो जाएगा तेल?
Petrol Diesel price today: पेट्रोल के एक्सपोर्ट को लेकर सरकार ने कड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने 3 रुपये प्रति लीटर ड्यूटी बढ़ा दी गई है।

Petrol Diesel price today: पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 3 रुपये प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगाई है। हालांकि, सरकार ने डीजल और ATF पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई थी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। फरवरी में जो क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के पास बिक रहा था, वह अब 100 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गया है। जिसकी वजह से दुनिया भर की सरकारें अपने स्तर पर उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को 23 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, एटीएफ पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 33 रुपये प्रति लीटर से घटाते हुए 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। बता दें, घरेल स्तर पर पेट्रोल और डीजल को लेकर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यानी तेल कंपनियों को अब भी सरकार की तरफ से मिलने वाली राहत जारी है।
क्या ड्यूटी बढ़ने से महंगा हो जाएगा पेट्रोल
नहीं, यह फैसला सरकार ने एक्सपोर्ट को लेकर किया है। ऐसे में घरेलू स्तर पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। बता दें, शुक्रवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने तेल की कीमतों में इजाफा किया था। तब पेट्रोल और डीजल के रेट को 3-3 रुपये बढ़ा दिया गया था। 2022 के बाद पहली बार तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ाया था।
क्या होता है स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी
स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है। खास तौर पर क्रूड ऑयल और पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ एटीएफ के एक्सपोर्ट पर। 1 मई को सरकार ने डीजल और एटीएफ के एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया था। लेकिन तब पेट्रोल को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ था। बता दें, अप्रैल के महीने में केंद्र सरकार ने हाई स्पीड डीजल पर ड्यूटी को बढ़ाते हुए 55.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। वहीं, तब एटीएफ पर 42 रुपये प्रति लीटर टैक्स हो गया था।
कच्चे तेल ने किया नाक में दम
मौजूदा समय में कच्चे तेल की बढ़ हुई कीमतों ने तेल कंपनियों से लेकर सरकारों को परेशान किया है। अधिक रेट होने की वजह से सरकारों पर भारी दबाव बन रहा हूं। जिससे देश के अंदर महंगाई में तेज इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल के अधिक रेट होने की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को इस तिमाही में 57000 करोड़ रुपये से 58000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।




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