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पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल लेकर आई मोदी सरकार, अब कम खर्च में दौड़ेगी गाड़ी

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं तो ये खबर आपके काम की है। सरकार ने दिल्ली में पहला E85 फ्यूल स्टेशन शुरू किया है। E85 ईंधन में 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है।

Fri, 5 June 2026 09:32 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल लेकर आई मोदी सरकार, अब कम खर्च में दौड़ेगी गाड़ी

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक ऐसे ईंधन का इंतजाम कर दी है जो पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में पहला E85 फ्यूल स्टेशन शुरू किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल के पुसा रोड आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन किया।

E85 फ्यूल से क्या मतलब है?

E85 ईंधन में 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। अधिक इथेनॉल मिश्रण होने के कारण कच्चे तेल पर निर्भरता कम होती है और ईंधन की लागत भी घट जाती है। E85 के इस्तेमाल से देश के तेल आयात बिल में कमी आएगी और दूसरे देशों पर तेल को लेकर निर्भरता घट जाएगी। इसके अलावा इथेनॉल का उत्पादन देश में कृषि आधारित कच्चे माल से किया जाता है, जिससे किसानों को भी बड़ा फायदा होगा।

कितनी है कीमत?

E85 ईंधन की कीमत की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह वर्तमान में बिक रहे E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता है। बता दें कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है।

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ग्राहकों की सुविधा के लिए E85 डिस्पेंसर पर अलग ब्रांडिंग और विशेष लेबलिंग की गई है ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। फिलहाल E85 का इस्तेमाल सामान्य पेट्रोल वाहनों में नहीं किया जा सकता। इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की जरूरत होती है।

सरकार का क्या है प्लान?

हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में 50 से 100 इथेनॉल ईंधन स्टेशन स्थापित कर रही है। पुरी ने उम्मीद जताई कि यह नेटवर्क बढ़कर 2026 के अंत तक 500 स्टेशनों तक पहुंच जाएगा। मंत्री ने कहा कि यदि यूरो 6 स्टैंडर्ड वाहन को E100 ईंधन (शत प्रतिशत एथनॉल वाले वाहन) के अनुकूल बनाया जा सके, तो इससे लगभग 120 अरब अमेरिकी डॉलर के कच्चे तेल आयात को कम करने में मदद मिलेगी।

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भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है, जिससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या बढ़ेगी, E85 भारत में सस्ते और स्वदेशी फ्यूल के रूप में एक अहम विकल्प बन सकता है।

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