घर, टैक्स और बैंकिंग... मिडिल क्लास की जिंदगी बदलने वाले 6 बड़े फैसले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 साल हो चुके हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कई ऐसे फैसले लिए जिसका फायदा मिडिल क्लास को हुआ है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 साल हो चुके हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कई ऐसे फैसले लिए जिसका सीधा असर मिडिल क्लास पर पड़ा। ये फैसले मिडिल क्लास के लिए किसी तोहफे से कम नहीं हैं। आइए ऐसे ही कुछ फैसलों के बारे में जान लेते हैं।
इनकम टैक्स पर राहत
मिडिल क्लास को इनकम टैक्स के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी दी गई है। नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब सालाना आय (लगभग ₹12 से ₹13 लाख तक) पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। इस फैसले से नौकरीपेशा लोगों को राहत है। इससे लाखों परिवारों की बचत बढ़ी और उनके हाथ में अधिक पैसा आया, जिसे वे निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों पर खर्च कर सकते हैं।
अपने घर का सपना साकार
शहरी के तहत मिडिल क्लास को भी सस्ते में घर बनाने की सुविधा मिलती है। इस योजना ने मिडिल क्लास को ब्याज सब्सिडी और आसान लोन सुविधाओं ने अपने घर का सपना पूरा करने में मदद की। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की ब्याज दरों में कमी जैसे फैसलों ने भी घर खरीदने को अधिक किफायती बनाया है।
आठवें वेतन आयोग का ऐलान
केंद्रीय कर्मचारियों में एक बड़ा वर्ग मिडिल क्लास के तहत आता है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग का ऐलान केंद्रीय कर्मचारियों के लिए तोहफा है। इसके तहत वेतन आयोग 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा और केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा देखा जा सकता है।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार भी मिडिल क्लास के लिए राहत की बात है। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं ने कम प्रीमियम में करोड़ों लोगों को बीमा और पेंशन का सुरक्षा कवच दिया।
डिजिटल इंडिया और यूपीआई क्रांति
डिजिटल इंडिया का फायदा मिडिल क्लास को जबरदस्त मिला है। आज यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक, हर कोई डिजिटल लेनदेन कर रहा है। मिडिल क्लास को नकदी रखने की जरूरत कम हुई है और मोबाइल फोन के जरिए कुछ सेकंड में भुगतान संभव हो गया है। इससे बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
जीएसटी लागू और कटौती
मोदी सरकार ने 2017 में जीएसटी लागू कर टैक्स सिस्टम को दुरुस्त किया। इसके बाद पिछले साल 22 सितंबर से सरकार ने जीएसटी कटौती और स्लैब में बदलाव किए थे। इससे कई रोजमर्रा के सामान सस्ते हो गए। खासतौर पर टर्म और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी का जीरो हो गया। इससे मिडिल क्लास का रुझान इंश्योरेंस की ओर बढ़ने की उम्मीद है।




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