इस लिस्टेड कंपनी के बदले प्रमोटर, 25 रुपये से भी कम भाव में ट्रेड कर रहा शेयर
क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) के शेयर में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई और यह 3.57% टूटकर 22.66 रुपये पर आ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर 22.25 रुपये के लो तक आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 31.39 रुपये है।

kwality Wall India share price: आइसक्रीम कारोबार से जुड़ी कंपनी क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड ने एक बड़ी डील की है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि मैग्नम आइसक्रीम कंपनी होल्डको 1 नीदरलैंड्स बी.वी. ने कंपनी में 61.90% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। नए प्रमोटर ने जून 2025 में हस्ताक्षरित शेयर खरीद समझौते के तहत यूनिलीवर पीएलसी और उसकी समूह कंपनियों सहित मौजूदा प्रमोटरों से 145.44 करोड़ शेयर खरीदे हैं। इस अधिग्रहण के साथ, मैग्नम आइसक्रीम नीदरलैंड्स अब क्वालिटी वॉल्स इंडिया को नियंत्रित करती है और आधिकारिक तौर पर प्रमोटर के रूप में है।
कंपनी के बोर्ड ने नेतृत्व में बदलाव को भी मंजूरी दी। अभिजीत भट्टाचार्य को अध्यक्ष और अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया है जबकि ताहिर तोलॉय तनरिदागली अतिरिक्त निदेशक के रूप में शामिल हुए हैं। रितेश तिवारी ने बोर्ड की बैठक समाप्त होने के बाद से अतिरिक्त निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड ने 30 मार्च, 2026 को हुई अपनी बैठक में शेयर हस्तांतरण, पुनर्वर्गीकरण और नियुक्तियों पर विचार किया।
शेयर का हाल
इस खबर के बीच क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) के शेयर में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई और यह 3.57% टूटकर 22.66 रुपये पर आ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर 22.25 रुपये के लो तक आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 31.39 रुपये है। बता दें कि फरवरी महीने में क्वालिटी वॉल्स इंडिया के शेयर की लिस्टिंग हुई थी।
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) से आइसक्रीम कारोबार के अलग होने के बाद यह शेयर संकेतक कीमत के मुकाबले करीब 26 प्रतिशत की गिरावट के साथ सूचीबद्ध हुआ था। एनएसई में यह शेयर 29.80 रुपये पर खुला जो 40.20 रुपये की संकेतक कीमत से 25.87 प्रतिशत कम है। बीएसई पर यह 29.90 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ जो 38.15 रुपये की संकेतक कीमत से 21.6 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। हालांकि बाद में इसमें सुधार आया। यह एनएसई तथा बीएसई पर क्रमशः 4.93 प्रतिशत एवं 4.58 प्रतिशत चढ़ा और 31.27 रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी ने लिस्टिंग वाले दिन कहा था कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के आइसक्रीम कारोबार के अलग होने के बाद स्वतंत्र, सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध इकाई के रूप में यह एक अहम उपलब्धि है। बता दें कि राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण से इसकी मंजूरी मिलने के बाद दिसंबर 2025 से यह प्रभावी हुआ। इस प्रक्रिया के तहत पांच दिसंबर 2025 की रिकॉर्ड तिथि तक हिंदुस्तान यूनिलीवर के प्रत्येक एक शेयर के बदले शेयरधारकों को क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड का एक शेयर मिला।




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