LPG सिलेंडर के फिर बढ़ेंगे दाम? इसके बाद भी ₹300 सस्ता में हो जाएगा इंतजाम
अगर एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। हालांकि, 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को 300 रुपये की छूट भी मिलेगी।

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने की आशंका है। इंडिया टुडे टीवी के सूत्रों ने बताया कि घरेलू इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 40 से 50 रुपये तक बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है तो देश की राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत 950 रुपये के पार जा सकती है। बता दें कि मार्च के महीने में ही सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी।
फिर भी 300 रुपये की छूट
अगर एक बार फिर से एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। हालांकि, 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को 300 रुपये की छूट भी मिलेगी। दरअसल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत लाभार्थियों को सरकार 300 रुपये की सब्सिडी देती है। ऐसे में सामान्य ग्राहकों के लिए एलपीजी की जो भी कीमत हो लेकिन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी को उसमें से 300 रुपये की राहत जरूर मिलेगी। बता दें कि वर्तमान में योजना के तहत 10.30 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन हैं।
योजना के तहत कनेक्शन पाने के लिए पात्रता मानदंड
-आवेदक एक महिला होनी चाहिए, जिसकी आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी हो।
- उसी घर में किसी भी तेल कंपनी का कोई अन्य LPG कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
-वयस्क महिला एक गरीब परिवार से संबंधित होनी चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
KYC आवेदन फॉर्म
पहचान का प्रमाण (आवेदक की आधार कॉपी)
पते का प्रमाण (केवल तभी, जब आधार में दिया गया पता, आवेदक के वर्तमान निवास स्थान से अलग हो।
उस राज्य द्वारा जारी राशन कार्ड, जहां से आवेदन किया जा रहा है।
बैंक खाते का विवरण (पासबुक की कॉपी / कैंसल्ड चेक)
15 मई से पहले झटका?
सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि भारत में 15 मई से पहले एलपीजी सिलेंडर के अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। सूत्रों ने कहा- तेल कंपनियं को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी (लागत से कम वसूली) का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के बाद सार्वजनिक पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसील को प्रतिदिन करीब 700 से 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो मासिक आधार पर लगभग 30,000 करोड़ रुपये बैठता है।
पेट्रोलियम कंपनियों की लागत और खुदरा मूल्य के बीच का अंतर मार्च-अप्रैल में तेजी से बढ़ा है। हालांकि बाद में इसमें कुछ नरमी आई। अप्रैल में पेट्रोल पर करीब 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 25 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान होने का अनुमान है।




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