LPG crisis modi government asks oil companies to build 30 day reserves amid Hormuz supply risks LPG संकट की आहट, मोदी सरकार ने तेल कंपनियों को दिया ये आदेश, Business Hindi News - Hindustan
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LPG संकट की आहट, मोदी सरकार ने तेल कंपनियों को दिया ये आदेश

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों से कम से कम 30 दिनों के एलपीजी भंडार रखने को कहा है। एलपीजी की मांग पहले के 80,000 मीट्रिक टन से घटकर 72,000 मीट्रिक टन रह गई है।

Fri, 29 May 2026 07:06 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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LPG संकट की आहट, मोदी सरकार ने तेल कंपनियों को दिया ये आदेश

ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। इस माहौल को देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों से कम से कम 30 दिनों के एलपीजी भंडार रखने को कहा है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा- हम तेल और गैस के लिए भंडार पर काम कर रहे हैं। तेल कंपनियों को एलपीजी के लिए कम से कम 30 दिन का भंडार बनाए रखने के लिए कहा गया है और वे इस पर काम कर रही हैं। इसी तरह कच्चे तेल के लिए भी हम काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी की मांग पहले के 80,000 मीट्रिक टन से घटकर 72,000 मीट्रिक टन रह गई है। भारतीय रिफाइनरियां वर्तमान में 52,000 मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं।

कैसे बढ़ाया जा रहा उत्पादन?

एलपीजी उत्पादन को लेकर सुजाता शर्मा ने कहा कि इसकी निर्भरता रिफाइनरियों के भीतर किए जाने वाले ऑप्टिमाइजेशन पर होती है। उन्होंने बताया कि सी3 और सी4 अणुओं के उपयोग के जरिए भी उत्पादन संतुलन बनाए रखा जा रहा है। कुछ रिफाइनरियां फिर से संचालन में आ गई हैं, जिससे आपूर्ति में सुधार हुआ है।

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इसके अलावा, अलग-अलग रिफाइनरों द्वारा किए जा रहे ऑप्टिमाइजेशन के चलते एलपीजी की उपलब्धता भी बढ़ी है। सुजाता शर्मा के मुताबिक मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण एलपीजी की मांग पर असर पड़ता है, जिससे खपत में अस्थिरता देखी जाती है।

तेल कंपनियों को हर दिन कितना नुकसान?

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण तेल और डीजल कंपनियां वर्तमान में प्रतिदिन 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। दस दिनों में चौथी बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए खुदरा विक्रेताओं ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।

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इस वृद्धि के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल वृद्धि लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सरकारी आंकड़े के अनुसार रिफाइनर जिस औसत कीमत पर तेल आयात करते हैं, वह मई में बढ़कर 106.83 डॉलर हो गई जबकि युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी में यह 69.01 डॉलर थी। बता दें कि सरकार ने राज्यों से ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण और हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन दल बनाने को कहा है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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