होली से पहले बढ़े LPG सिलेंडर के दाम, अब ईरान-इजरायल जंग से बढ़ेगी टेंशन?
केप्लर क मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भारत के पास लगभग 40-45 दिन की जरूरत पूरी करने लायक कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। केप्लर के मुताबिक, भारत के पास करीब 10 करोड़ बैरल कॉमर्शियज कच्चे तेल का स्टॉक है।

ईरान की इजरायल और अमेरिका से छिड़ी जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका है। ऐसे माहौल में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। खासतौर पर लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या पेट्रोल-डीजल या एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ेंगे? यह सवाल इसलिए भी है क्योंकि वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह ईरान संकट शुरू होने के पहले के स्तर से करीब 10 प्रतिशत अधिक है।
सरकार की समीक्षा
पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष बढ़ने के बीच सरकार एलपीजी समेत अन्य ईंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर रही है। बीते सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर स्थिति की समीक्षा की। जानकारी के मुताबिक खुदरा ईंधन की कीमतें तुरंत बढ़ने की संभावना नहीं है।
बता दें कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल, 2022 से स्थिर बनी हुई हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) जैसी पेट्रोलियम कंपनियां कीमतें अधिक होने पर घाटे को वहन कर रही हैं दरें कम होने पर मुनाफा कमा रही हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण, सरकार ऐसा कुछ नहीं चाहती जिसका विपक्ष फायदा उठा सके।
भारत के पास कितना रिजर्व?
ऊर्जा बाजार विश्लेषण फर्म केप्लर क मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भारत के पास लगभग 40-45 दिन की जरूरत पूरी करने लायक कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। केप्लर के मुताबिक, भारत के पास करीब 10 करोड़ बैरल कॉमर्शियज कच्चे तेल का स्टॉक है। इसमें रिफाइनरियों के पास मौजूद स्टॉक, भूमिगत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) और देश की ओर आ रहे जहाजों पर लदा तेल शामिल है। बता दें कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। कुल आयात का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है और इसका बड़ा भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। भारत प्रतिदिन औसतन करीब 50 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से लगभग 25 लाख बैरल तेल प्रतिदिन होर्मुज मार्ग से आता है।
एलपीजी सिलेंडर के दाम
बता दें कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है। हालांकि, एक मार्च से तेल विपणन कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं।
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। दिल्ली में जनवरी में इसकी कीमत 111 रुपये और फरवरी में 49 रुपये बढ़ी थी। इस प्रकार तीन बार में कीमत कुल 188 रुपये बढ़ गई है। बता दें कि कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्त्रां, ढाबों समेत सभी गैर-घरेलू उद्देश्यों के लिए होता है।




साइन इन