Indigo के शेयर में तूफानी तेजी, इस ऐलान का है असर
Indigo Share: एविएशन सेक्टर की कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर आज गुरुवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिला।

Indigo Share: एविएशन सेक्टर की कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर आज गुरुवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार के दौरान कंपनी के स्टॉक में करीब 8.6% की तेजी आई और यह 4,282 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था। निवेशकों में यह उत्साह कंपनी द्वारा नए CEO के ऐलान के बाद देखने को मिला है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
क्या है डिटेल
कंपनी ने अनुभवी एविएशन लीडर विलियम वॉल्श (William Walsh) को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वॉल्श फिलहाल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डायरेक्टर जनरल के पद पर कार्यरत हैं और उनका कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद वे 3 अगस्त से इंडिगो की कमान संभालेंगे। उनके पास करीब 40 साल का वैश्विक एविएशन अनुभव है, जिसे कंपनी के लिए बड़ा प्लस माना जा रहा है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है और इसका मार्केट शेयर लगभग 64% है। दिसंबर के अंत तक कंपनी के पास करीब 440 विमानों का बेड़ा था और यह रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है। इंडिगो देश के 95 शहरों के साथ-साथ 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन को जोड़ती है, जिससे यह भारत की एविएशन ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सा बन चुकी है।
हालांकि, पिछले कुछ समय में कंपनी को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। दिसंबर में पायलट रेस्ट नियमों को सही तरीके से लागू न कर पाने के कारण 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इस मामले में नियामकों ने कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी और संचालन व संकट प्रबंधन में कमी की बात कही थी।
क्या है एनालिस्ट की राय
बता दें कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और पाकिस्तान के एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते फ्लाइट्स के रूट बदलने पड़े हैं, जिससे लागत में भी इजाफा हुआ है। इन परिस्थितियों में नए CEO की नियुक्ति को एक अहम कदम माना जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इसे तेज और जरूरी फैसला बताते हुए कहा है कि इससे लीडरशिप गैप नहीं आएगा और कंपनी का कामकाज सुचारू बना रहेगा।
आगे की रणनीति पर नजर डालें तो इंडिगो के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। इनमें ऑपरेशन की विश्वसनीयता बढ़ाना, क्रू से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना और बढ़ती लागत के बीच लो-कॉस्ट मॉडल को संतुलित बनाए रखना शामिल है। साथ ही, कंपनी अपने इंटरनेशनल एक्सपेंशन और ग्रोथ फेज पर भी फोकस कर रही है, जिसमें नए CEO का अनुभव काफी अहम साबित हो सकता है।




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