सरकार बेच रही कोल इंडिया में हिस्सेदारी, 11% डिस्काउंट पर मिल रहा शेयर; लेकिन एक्सपर्ट ने दी ये राय
सरकार ने महारत्न PSU कंपनी कोल इण्डिया (Coal India) में करीब 2% हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS लॉन्च किया है, जिसमें रिटेल निवेशकों को ₹412 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर खरीदारी का मौका मिलेगा। यह कीमत मौजूदा बाजार भाव से करीब 11% कम है।

देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के शेयर एक बार फिर चर्चा में हैं। सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS (Offer For Sale) लॉन्च किया है, जिसके तहत रिटेल निवेशकों को शुक्रवार से शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि सरकार यह शेयर ₹412 के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है, जो मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹458.15 से करीब 11% कम है। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या यह निवेश का सुनहरा मौका है या फिर सावधानी बरतने की जरूरत है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
कोल इंडिया (Coal India) का OFS बुधवार को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुला था और इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कंपनी के OFS को करीब 8 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला और लगभग ₹19,000 करोड़ की बोलियां आईं। सरकार करीब 12.32 करोड़ शेयर यानी 2% हिस्सेदारी बेच रही है। इसके साथ ही 1% का ग्रीन-शू ऑप्शन भी रखा गया है, जिसे सरकार ने इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह दिखाता है कि बड़े निवेशकों के बीच कोल इंडिया (Coal India) को लेकर भरोसा बना हुआ है।
एक्सपर्ट का मानना है कि कोल इंडिया (Coal India) केवल एक PSU कंपनी नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों का अहम हिस्सा है। देश में गर्मी के मौसम में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। हाल ही में भारत की पीक पावर डिमांड 270.8 GW तक पहुंच गई थी। हालांकि, रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन आज भी देश की बड़ी बिजली जरूरत कोयला आधारित थर्मल पावर से पूरी होती है। यही वजह है कि कोल इंडिया (Coal India) की डिमांड और कारोबार आने वाले समय में स्थिर बने रहने की उम्मीद है।
SBI सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल के अनुसार कोल इंडिया (Coal India) एक मजबूत कैश जनरेट करने वाली कंपनी है और इसका डिविडेंड यील्ड भी काफी आकर्षक है। Trendlyne के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का डिविडेंड यील्ड करीब 5.70% है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को नियमित आय का मौका दे सकता है। पिछले 5 सालों में कोल इंडिया (Coal India) के शेयर ने लगभग 220% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जबकि पिछले 6 महीनों में इसमें 22% की तेजी आई है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कोल इंडिया (Coal India) कोई हाई-ग्रोथ टेक कंपनी नहीं है। यह एक रेगुलेटेड और कमोडिटी आधारित बिजनेस है, जिस पर सरकारी नीतियों, मजदूरी लागत और पर्यावरण से जुड़े नियमों का असर पड़ सकता है। इसके अलावा, दुनिया धीरे-धीरे ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है, जिससे लंबे समय में कोयले की मांग पर दबाव बन सकता है।
INVAsset PMS के हर्षल दसानी का कहना है कि कोल इंडिया OFS उन निवेशकों के लिए बेहतर हो सकता है, जो स्थिर रिटर्न और डिविडेंड इनकम चाहते हैं। लेकिन, केवल शॉर्ट टर्म मुनाफे के लिए इसमें पैसा लगाना सही रणनीति नहीं हो सकती। अगर बाजार भाव फ्लोर प्राइस से ऊपर बना रहता है, तो यह निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर साबित हो सकता है।
कोल इंडिया OFS (Coal India OFS) उन निवेशकों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है, जो PSU सेक्टर में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। मजबूत डिविडेंड, सरकार का समर्थन और भारत की बढ़ती बिजली जरूरत कंपनी को मजबूती देते हैं, लेकिन निवेश से पहले जोखिमों को समझना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर- शेयर मार्केट जोखिमों के अधीन है। एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही अपना पैसा कहीं भी निवेश करें। यह आर्टिकल मात्र अपने रीडर्स तक जानकारी पहुंचाने के लिए है।




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