india buys more curde oil from saudi arab russia on second place भारत, रूस की जगह इस देश से जमकर खरीद रहा है कच्चा तेल, तीसरे नंबर पर पहुंचा इराक, Business Hindi News - Hindustan
More

भारत, रूस की जगह इस देश से जमकर खरीद रहा है कच्चा तेल, तीसरे नंबर पर पहुंचा इराक

भारत की क्रूड ऑयल की आयात रणनीति अब एक नए बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है। आयातित खेप के आंकड़े और एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सऊदी अरब के नेतृत्व में पश्चिम एशिया के आपूर्तिकर्ता अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल कर रहे हैं।

Sun, 22 Feb 2026 04:32 PMTarun Pratap Singh भाषा
share
भारत, रूस की जगह इस देश से जमकर खरीद रहा है कच्चा तेल, तीसरे नंबर पर पहुंचा इराक

भारत की क्रूड ऑयल की आयात रणनीति अब एक नए बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है। आयातित खेप के आंकड़े और एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सऊदी अरब के नेतृत्व में पश्चिम एशिया के आपूर्तिकर्ता अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल कर रहे हैं। वहीं, रूसी तेल की आवक अब भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन जियो पॉलिटिक्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते इसमें कमी आ रही है।

भारत अब रूस से कितना तेल खरीद रहा है?

रूस से होने वाली आपूर्ति में कमी आने के कारण एक से 18 फरवरी के दौरान भारत का कुल कच्चा तेल आयात गिरकर औसतन 48.5 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रह गया। यह जनवरी के 5.25 लाख बीपीडी के मुकाबले आठ प्रतिशत कम है। पिछले महीने प्रमुख रूसी निर्यातकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और यूरोपीय संघ के 18वें प्रतिबंध पैकेज के प्रभावी होने के बाद वहां से आने वाले तेल के प्रवाह में यह गिरावट देखी गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अंतरिम फैसले वाली तारीखों में हुआ बदलाव - रिपोर्ट

जहाजों की आवाजाही के निगरानी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत को होने वाली रूसी आपूर्ति दिसंबर, 2025 के 12.8 लाख बीपीडी से घटकर जनवरी में 12.2 लाख बीपीडी रह गई और फरवरी की शुरुआत में यह लगभग 10 प्रतिशत और घटकर 10.9 लाख बीपीडी पर आ गई।

मार्च में और होगी कटौती

वैश्विक जिंस आंकड़े एक्सपर्ट्स कंपनी 'केपलर' के चीफ रिसर्च हेड सुमित रितोलिया ने कहा, “फरवरी में भारत का रूसी कच्चा तेल आयात लगभग 10-12 लाख बीपीडी रहने का अनुमान है, जिसके मार्च में घटकर करीब 8-10 लाख बीपीडी तक आने की संभावना है।” वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारी छूट पर मिलने के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद बड़े पैमाने पर शुरू की थी, लेकिन अब यह आवक बढ़ने के बजाय स्थिर होती दिख रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:1 शेयर पर 3 शेयर बोनस दे रही है कंपनी, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

उन्होंने कहा, “हालांकि, हम इसे एक अल्पकालिक स्थिरता के रूप में देख रहे हैं, न कि 2025 के मध्य में देखे गए उच्चतम स्तर पर वापसी के रूप में। हमारा अनुमान है कि व्यावसायिक और नीतिगत बाधाओं के कारण, 2024-2025 की तुलना में 2026 में भारत के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम होकर एक निचले स्तर पर स्थिर हो जाएगी।” वर्तमान आकलन के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच एक व्यावहारिक समझ बनी है जो भारत को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए रूसी आयात की अनुमति देती है, लेकिन इसे और अधिक बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती।

सऊदी अरब से जमकर हो रही खरीदारी

जैसे-जैसे रूसी तेल की मात्रा कम हो रही है, पश्चिम एशिया खाड़ी देश इस कमी को पूरा कर रहे हैं। रितोलिया ने बताया कि सऊदी अरब से होने वाली आपूर्ति फरवरी में 10 लाख से 11 लाख बीपीडी तक पहुंचने की उम्मीद है, जो नवंबर, 2019 के बाद का उच्चतम स्तर है। महीने की शुरुआत से अब तक सऊदी अरब से आने वाले तेल का प्रवाह लगभग 14 लाख बीपीडी दर्ज किया गया है। हालांकि, मार्च की शुरुआत में इसमें कुछ नरमी आने की संभावना है। वर्तमान रुझानों के आधार पर, सऊदी अरब फरवरी में भारत के शीर्ष आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है, जिसके बाद रूस और इराक का नंबर आता है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,