Income Tax Alert: टैक्सपेयर्स के लिए आखिरी मौका, महावीर जयंती की छुट्टी के बावजूद 31 मार्च को भी खुले रहेंगे IT ऑफिस
31 मार्च वित्तीय वर्ष 2025-26 का आखिरी दिन है। यही वह तारीख है , जब एडवांस टैक्स का भुगतान पूरा करना होता है, टैक्स सेविंग निवेश फाइनल होते हैं और पेंडिंग नोटिस और कंप्लायंस पूरे करने होते हैं यानी टैक्सपेयर्स और विभाग, दोनों के लिए यह सबसे अहम दिन होता है।

महावीर जयंती की छुट्टी के बावजूद 31 मार्च 2026 को देशभर के सभी इनकम टैक्स ऑफिस खुले रहेंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने यह बड़ा फैसला वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन को देखते हुए लिया है। इसका मकसद है कि टैक्स से जुड़े सभी जरूरी काम समय पर पूरे हो सकें।
क्यों खास है 31 मार्च?
31 मार्च वित्तीय वर्ष 2025-26 का आखिरी दिन है। यही वह तारीख है , जब एडवांस टैक्स का भुगतान पूरा करना होता है, टैक्स सेविंग निवेश फाइनल होते हैं और पेंडिंग नोटिस और कंप्लायंस पूरे करने होते हैं यानी टैक्सपेयर्स और विभाग, दोनों के लिए यह सबसे अहम दिन होता है।
छुट्टी के दिन भी खुलेंगे ऑफिस
CBDT ने निर्देश दिया है कि सभी टैक्स ऑफिस 31 मार्च को खुले रहेंगे ताकि पेंडिंग केस क्लियर हो सकें, अकाउंट क्लोजिंग समय पर हो और अंतिम समय के टैक्स काम पूरे हो सकें। इसे एक तरह से “नो बैकलॉग मिशन” माना जा रहा है। वहीं, 1 अप्रैल 2026 से New Income Tax Act लागू होगा। यह पुराने कानून की जगह लेगा। सरकार का लक्ष्य है कि टैक्स सिस्टम को आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए।
टैक्सपेयर्स के लिए क्या जरूरी: अगर आपने अभी तक टैक्स से जुड़े काम पूरे नहीं किए हैं, तो 31 मार्च आखिरी मौका है। निवेश, भुगतान और दस्तावेज तुरंत पूरा करें। नई टैक्स व्यवस्था के लिए तैयार रहें।
1 अप्रैल से क्या बदलने वाला है?
1 अप्रैल 2026 से देश में आयकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा बजट 2026 में किए गए संशोधनों के तहत नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होगा, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कानून की भाषा को सरल बनाने और प्रक्रियाओं को आसान करने पर जोर दिया गया है।
साथ ही ITR भरने की समयसीमा में भी बदलाव हुआ है, जैसे ITR-3 और ITR-4 की अंतिम तिथि अब 31 अगस्त कर दी गई है, जबकि ITR-1 और ITR-2 के लिए 31 जुलाई की समयसीमा बरकरार रहेगी। रिवाइज्ड रिटर्न भरने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
टैक्स नियमों का सीधा असर आपकी जेब पर भी पड़ेगा
इन बदलावों के साथ टैक्स नियमों का सीधा असर आपकी जेब पर भी पड़ेगा। TCS की दरों में बदलाव करते हुए शराब, स्क्रैप और खनिजों पर टैक्स बढ़ाकर 2% कर दिया गया है, जबकि विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है। शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी, क्योंकि STT बढ़ा दिया गया है।
इसके अलावा शेयर बायबैक पर अब कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा और डिविडेंड इनकम पर ब्याज खर्च की कटौती खत्म कर दी गई है, जिससे निवेशकों का टैक्स बोझ बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, ये बदलाव जहां टैक्स सिस्टम को सरल बनाएंगे, वहीं कुछ मामलों में खर्च भी बढ़ा सकते हैं।




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