युद्ध का असर: भारत की इस बड़ी इंफ्रा कंपनी के ₹3.5 लाख करोड़ दांव पर, शेयरों में भारी गिरावट
Impact of War: लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के निवेशकों के लिए यह सुबह किसी झटके से कम नहीं है। दरअसल, पिछले सप्ताहांत शुरू हुए ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के चलते L&T के शेयरों में शुरुआती कारोबार में ही करीब 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 मार्च की सुबह भूचाल आ गया। वहीं, लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के निवेशकों के लिए यह सुबह किसी झटके से कम नहीं है। दरअसल, पिछले सप्ताहांत शुरू हुए ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के चलते L&T के शेयरों में शुरुआती कारोबार में ही करीब 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
L&T को क्यों पड़ रहा है युद्ध का ज्यादा दर्द?
अब सवाल उठता है कि आखिर L&T को ही इस युद्ध की सबसे ज्याद कीमत क्यों चुकानी पड़ रही है? इसकी सबसे बड़ी वजह है मिडिल ईस्ट में कंपनी की मजबूत मौजूदगी। L&T भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है और उसका ऑर्डर बुक देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां उसका कितना बड़ा दांव लगा है।
कंपनी के कुल ऑर्डर में से 49% यानी करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का ऑर्डर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से आता है। इसमें से 80% से ज्यादा ऑर्डर अकेले UAE, सऊदी अरब और मिडिल ईस्ट रीजन से है।
सीएनबीसी टीवी-18 ने JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि L&T के 37% ऑर्डर मिडिल ईस्ट में हैं और चालू वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर) में मिले 33% नए ऑर्डर भी इसी क्षेत्र से आए हैं।
L&T का बयान: हमारे लोग सुरक्षित हैं, हालात पर नजर
इतने बड़े संकट के बीच L&T ने स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि मिडिल ईस्ट उनके लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाजार है, जहां एनर्जी, रिन्यूएबल, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उनका लंबे समय से कारोबार है।
कंपनी का दावा है कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उसके सभी कर्मचारी, मजदूर और संसाधन सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने कहा, "हमारी मैनेजमेंट कमेटी को जमीनी स्तर पर मौजूद हमारी टीमें, बिजनेस पार्टनर और स्थानीय प्रशासन हर पल की जानकारी दे रहे हैं।" एहतियात के तौर पर कंपनी ने यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है और सभी कर्मचारियों को अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार, 28 फरवरी की सुबह इस पूरे विवाद की शुरुआत हुई जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने बहरीन, UAE और कुवैत में अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला करके जवाब दिया। ईरान ने साफ कर दिया कि अब उसकी कोई 'रेड लाइन' नहीं बची है और वह कुछ भी कर सकता है। तभी से पूरे मिडिल ईस्ट और इजरायल में ईरान की ओर से जमकर हमले किए जा रहे हैं, जिससे वहां हवाई अड्डे बंद हो गए हैं, यात्री फंसे हुए हैं और जनजीवन ठप हो गया है।
अब आगे क्या?
इस हंगामे के बीच L&T को हाल ही में मिडिल ईस्ट और भारत में 10,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही की कमाई के बाद यह भी साफ किया था कि वह इस साल 10% से ज्यादा ऑर्डर इनफ्लो ग्रोथ के अपने लक्ष्य को पार कर लेगी। साथ ही रेवेन्यू ग्रोथ 15% और कोर मार्जिन 8% रहने का अनुमान भी बरकरार रखा था।
फिलहाल, बाजार में मचे इस भूचाल का असर L&T के शेयरों पर साफ दिख रहा है। सोमवार सुबह कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 5.08% की गिरावट के साथ 4,061 रुपए पर आ गए। हालांकि, पिछले छह महीने में अब भी स्टॉक में 13.6% की तेजी है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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