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घर से निकलने से पहले चेक करें पेट्रोल-डीजल के रेट, UAE ने बढ़ाया दाम, भारत में क्या हाल

Petrol Diesel Rate Today: आज घर से निकलने से पहले पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार जरूर चेक कर लें। ईरान-इजरायल जंग का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल है। ब्रेंट क्रूड 5.41 पर्सेंट चढ़कर 78.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

Mon, 2 March 2026 06:48 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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घर से निकलने से पहले चेक करें पेट्रोल-डीजल के रेट, UAE ने बढ़ाया दाम, भारत में क्या हाल

Petrol Diesel Rate Today: आज घर से निकलने से पहले पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार जरूर चेक कर लें। ईरान-इजरायल जंग का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल है। ब्रेंट क्रूड 5.41 पर्सेंट चढ़कर 78.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। डब्ल्यूटीआई भी 4.81 पर्सेंट की तेजी के साथ 71.83 डॉलर पर है। इस बीच आज भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट अपडेट कर दी हैं। राहत की बात यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल की आज रिटेल कीमत ₹94.77 प्रति लीटर है।

100 डॉलर के पार जा सकते हैं कच्चे तेल के दाम

माना जा रहा है कि अगर युद्ध जारी रहता है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए वैश्विक तेल और एलएनजी की करीब 30 प्रतिशत आपूर्ति होती है। इस मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल-गैस की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

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भारत के लिए ज्यादा चिंताजनक स्थिति

मौजूदा समय में भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा करीब 50-60 प्रतिशत मध्य-पूर्व से आता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होगा तो भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी। इसका परिणाम होगा कि परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे महंगाई भी बढ़ेगी। आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, कच्चा तेल महंगा होने के बाद एक सीमा के बाद पेट्रोलियम कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की दिशा में फैसला लेंगी।

तेल आपूर्ति पर अभी खतरा नहीं

अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग के कम अवधि के लिए बंद होने से भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसके पास ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। कच्चे तेल का भंडार कम से कम 10 दिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, उनके ईंधन टैंक भरे हुए हैं, जो देश की 7-10 दिन की ईंधन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।''

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यदि तनाव और बढ़ता है तो भारत के पास आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो देश रूसी तेल की खरीद बढ़ाकर अपने आयात स्रोतों में बदलाव कर सकता है। इसके अलावा भारत वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका जैसे दूरदराज के देशों से भी तेल खरीद सकता है।

कब-कब आई कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी

- जुलाई 2008 में कच्चे तेल की कीमतें 147.50 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। उस वक्त 42 से 43 रुपये प्रति डॉलर की कीमत थी।

- वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी कीमतें 120-130 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंची। उस वक्त 79 से 80 रुपये प्रति डॉलर की कीमत थी।

- मौजूदा समय में 92 रुपये के मुकाबले एक डॉलर की कीमत है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल पर भारत के लिए खरीद महंगी होगी।

यूएई में मार्च से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े

खलीज टाइम्स के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मार्च 2026 के लिए ईंधन कीमतों की घोषणा कर दी है, जिसमें दो महीने की गिरावट के रुझान को उलटते हुए पेट्रोल और डीजल की दरों में वृद्धि की गई है।

ईंधन मूल्य समिति ने फरवरी 2026 के लिए दरों में कमी की थी। पेट्रोल के तीनों वेरिएंट सुपर 98, स्पेशल 95 और ई-प्लस की कीमतों में दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी में मामूली गिरावट देखी गई थी। बता दें कि यूएई ने 2015 में पेट्रोल की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप लाने के लिए विनियमन मुक्त कर दिया था।

1 मार्च 2026 से लागू हुईं नई दरें इस प्रकार हैं

सुपर 98 पेट्रोल: 2.59 दिरहम प्रति लीटर (फरवरी में 2.45 दिरहम था)। भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹64.05 प्रति लीटर के आसपास है। स्पेशल 95 पेट्रोल: 2.48 दिरहम प्रति लीटर (फरवरी में 2.33 दिरहम था)। भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹61.33 प्रति लीटर के आसपास है।

ई-प्लस 91 पेट्रोल: 2.40 दिरहम प्रति लीटर (फरवरी में 2.26 दिरहम था)। भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹59.35 प्रति लीटर के आसपास है। डीजल: 2.72 दिरहम प्रति लीटर (फरवरी में 2.52 दिरहम था)। भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹67.26 प्रति लीटर के आसपास है।

(नोट: 1 UAE दिरहम = लगभग 24.73 भारतीय रुपये के हिसाब से है )

जैसा कि पहले बताया गया था, जनवरी में वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि के कारण मार्च में यूएई में पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती थीं। भू-राजनीतिक तनावों के बीच ईरान और वेनेजुएला से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण फरवरी महीने में ब्रेंट क्रूड ऑयल का औसत बंद भाव 63.47 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो दिसंबर 2025 में 61.51 डॉलर था . फारवरी के पहले तीन हफ्तों में ब्रेंट का उच्चतम स्तर 66.52 डॉलर प्रति बैरल रहा।

बढ़ती मांग: यूएई में वाहनों की संख्या और ईंधन खपत

यूएई में वाहनों की बढ़ती संख्या पेट्रोल और डीजल की अधिक मांग को बढ़ावा दे रही है। यूएई के सबसे बड़े ईंधन खुदरा विक्रेता एडनॉक डिस्ट्रीब्यूशन के अनुसार, जनवरी-सितंबर 2026 की अवधि के दौरान 85 नए सर्विस स्टेशन जोड़कर अपना कुल नेटवर्क बढ़ाकर 977 करने के साथ, कंपनी ने अपने इतिहास में सबसे अधिक नौ महीने की ईंधन मात्रा हासिल की, जो कुल 11.7 बिलियन लीटर थी।

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