युद्ध का असर, महंगा हुआ हवाई सफर, एयर इंडिया ने ₹899 तक बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है। नए सरचार्ज 8 अप्रैल 2026 से घरेलू उड़ानों पर लागू हो जाएंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूटों पर यह बदलाव 10 अप्रैल से लागू होने जा रहा है।
ईरान-इजराइल के बीच युद्ध का असर अब सीधे हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने लगा है। ग्लोबल लेवल पर जेट ईंधन (ATF) की कीमतों में तेज उछाल के चलते एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है। नए सरचार्ज 8 अप्रैल 2026 से घरेलू उड़ानों पर लागू हो जाएंगे। इससे यात्रियों की जेब पर 899 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जबकि, अंतरराष्ट्रीय रूटों पर यह बदलाव 10 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। इसमेंके तहत $280 तक सरचार्ज वसूला जाएगा।
जेट फ्यूल की कीमत लगभग दोगुनी
एयरलाइन के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसो.(IATA) के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के अंतिम सप्ताह में जेट फ्यूल का औसत मूल्य 195 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो फरवरी के अंत में करीब 99 डॉलर था। इस तेज बढ़ोतरी ने एयरलाइंस की लागत को काफी बढ़ा दिया है, जिससे किराए पर दबाव बना है।
घरेलू उड़ानों में नया नियम: दूरी के आधार पर सरचार्ज
द इकनॉमिक टाइम्स के मतुाबिक अब तक घरेलू उड़ानों में एक समान सरचार्ज लिया जाता था, लेकिन अब इसे दूरी के आधार पर तय किया गया है। यानी जितनी लंबी यात्रा, उतना ज्यादा शुल्क देना होगा। यह नया नियम एयर इंडिया ग्रुप की सभी उड़ानों पर लागू होगा, जिसमें एयर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल है। सरकार ने ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित रखने की कोशिश की है, लेकिन इसके बावजूद एयरलाइंस को लागत संतुलन के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।
| दूरी (Km) के हिसाब से कितना बढ़ा सरचार्ज (रुपये में) | |
|---|---|
| 0-500 किलो मीटर | 299 रुपये |
| 501-1000 किलो मीटर | 399 रुपये |
| 1001-1500 किलो मीटर | 549 रुपये |
| 1501-2000 किलो मीटर | 749 रुपये |
| 2000 से अधिक किलो मीटर | 899 रुपये |
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ज्यादा असर
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं होता, इसलिए वहां सरचार्ज ज्यादा बढ़ाया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से शुल्क तय किया गया है, जिसमें SAARC देशों के लिए न्यूनतम और उत्तरी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक शुल्क लगाया गया है। इससे लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा और महंगी हो सकती है।
क्षेत्र फ्यूल सरचार्ज (डॉलर में)
SAARC (बांग्लादेश छोड़कर) $24
पश्चिम एशिया / मध्य पूर्व $50
दक्षिण-पूर्व एशिया (सिंगापुर छोड़कर) $100
सिंगापुर $60
अफ्रीका $130
यूरोप (ब्रिटेन सहित) $205
उत्तरी अमेरिका $280
ऑस्ट्रेलिया $280
एयरलाइन खुद भी उठा रही लागत का बोझ
एयर इंडिया का कहना है कि नए सरचार्ज के बावजूद ईंधन की बढ़ी हुई लागत पूरी तरह वसूल नहीं हो पा रही है। कंपनी अभी भी खर्च का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है। फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल कच्चे तेल के कारण नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से भी हुई है।
पुराने टिकट वालों को राहत
जो यात्री 8 या 10 अप्रैल 2026 से पहले टिकट बुक करा चुके हैं, उन्हें नया सरचार्ज नहीं देना होगा। हालांकि, अगर टिकट में बदलाव किया जाता है और किराया दोबारा तय होता है, तो यह शुल्क लागू हो सकता है। एयरलाइन ने संकेत दिए हैं कि बाजार की स्थिति के अनुसार भविष्य में इस सरचार्ज की समीक्षा भी की जा सकती है।




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