4 महीने से मालामाल कर रहा यह शेयर, अब 170 रुपये के करीब पहुंच गया भाव
बीते 23 जनवरी को जहां शेयर 59.83 रुपये के स्तर पर था तो अब 170 रुपये के करीब पहुंच चुका है। इस तरह, करीब 4 महीने में शेयर ने 52 हफ्ते के लो से हाई को टच किया है।

HFCL share price: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी हुई कंपनी HFCL लिमिटेड के शेयर में मंगलवार को एक बार फिर से उछाल आया। इंट्रा-डे में यह शेयर 162.75 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 168.20 रुपये तक पहुंच गया। अगर बीते कुछ महीने के शेयर परफॉर्मेंस को देखा जाए तो निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न मिला है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
शेयर का परफॉर्मेंस
बीते 23 जनवरी को जहां शेयर 59.83 रुपये के स्तर पर था तो अब 170 रुपये के करीब पहुंच चुका है। इस तरह, करीब 4 महीने में शेयर ने 52 हफ्ते के लो से हाई को टच किया है। अप्रैल महीने में शेयर में 76% का उछाल आया तो मई महीने में यह 40% से ज्यादा बढ़ चुका है। इससे पहले मार्च और फरवरी महीने में भी शेयर ने पॉजिटिव ही रिटर्न दिया।
अब आगे क्या होगा?
घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट, रुचिता जैन ने शेयर को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान इस शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। शेयरों की कीमतों में अच्छे वॉल्यूम के साथ तेजी आई है, जो एक अपट्रेंड का संकेत है। चूंकि कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं, इसलिए जिन ट्रेडर्स के पास पहले से ही लॉन्ग पोजीशन है, वे इसे होल्ड कर सकते हैं और इस ट्रेंड का फायदा उठा सकते हैं।
वहीं, INVasset PMS के बिजनेस हेड, हर्षल दसानी ने कहा कि HFCL लिमिटेड मोमेंटम एक्सटेंशन के चरण में पहुंच गया है। इस स्टॉक ने एक हफ्ते की तेज बढ़त के साथ अपने पिछले 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर वाले जोन को पार कर लिया है। यह शेयर की मजबूती की पुष्टि करता है लेकिन साथ ही यह भी संकेत देता है कि ब्रेकआउट का जो आसान दौर था, वह अब पीछे छूट चुका है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
अप्रैल में HFCL ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इस तिमाही के दौरान कंपनी ने 178.50 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 81.44 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर, प्रॉफिट पिछली तिमाही में दर्ज 98 करोड़ रुपये से 82% बढ़कर 178.50 करोड़ रुपये हो गया जबकि रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में दर्ज 1,211 करोड़ रुपये से 51% बढ़कर 1,824 करोड़ रुपये हो गया।
वित्त वर्ष 2026 के आखिर में HFCL का ऑर्डर बुक बढ़कर ₹21,206 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹9,967 करोड़ था। कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक रक्षा उपकरण सेगमेंट में लगभग ₹2,230 करोड़ के ऑर्डर मिलने की संभावना है। हाल ही में HFCL को आंध्र प्रदेश में रक्षा निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 1,000 एकड़ जमीन भी मिली है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो मार्च 2026 की तिमाही के दौरान HFCL में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 6.68% से बढ़कर 6.92% हो गई जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अपनी हिस्सेदारी थोड़ी कम करके 7.48% से 7.08% कर दी।




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