गोल्ड ट्रेडिंग आम लोगों के लिए होने जा रही आसान, क्या है NSE का प्लान
छोटे आकार का यह गोल्ड कांट्रैक्ट घरेलू बुलियन कारोबार के ज्यादा करीब है, जिससे छोटे निवेशकों और ट्रेडर्स की भागीदारी बढ़ेगी। इससे कम पूंजी वाले निवेशकों के लिए भी सोने के वायदा कारोबार में प्रवेश आसान हो जाएगा और बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) आम लोगों के लिए सोने का व्यापार आसान करने जा रहा है। इसके तहत 16 मार्च 2026 से कमोडिटी श्रेणी में 10 ग्राम सोने के वायदा अनुबंध (गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट) उपलब्ध होंगे। इस सुविधा से अब छोटे निवेशकों भी छोटे आकार के गोल्ड अनुबंध में कारोबार कर सकेंगे। इस योजना को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है।
इस अनुबंध में सोमवार से शुक्रवार तक कारोबार होगा, जिसका समय सुबह 9 बजे से रात 11:30 या 11:55 बजे तक रहेगा। इस व्यवस्था के तहत 999 शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की डिलीवरी लेना पूरी तरह अनिवार्य रहेगा। डिलीवरी केंद्र अहमदाबाद में तय क्लियरिंग हाउस सुविधा पर होगा।
सोने की गुणवत्ता 999 शुद्धता की होगी और यह मान्यता प्राप्त सप्लायर द्वारा दिया जाएगा। अनुबंध की कीमत अहमदाबाद के भाव पर तय होगी, जिसमें सीमा शुल्क तो शामिल होगा, लेकिन जीएसटी का भुगतान अलग से करना होगा। अधिकतम ऑर्डर साइज 10 किलोग्राम तय किया गया है।
हर महीने समाप्ति
एनएसई का यह नया वायदा अनुबंध हर महीने की श्रृंखला में उपलब्ध होगा। इसका कारोबारी चिह्न ‘गोल्ड10जी’ तय किया गया है। हर महीने के आखिरी कैलेंडर दिन इस अनुबंध की समाप्ति होगी। अगर उस दिन सार्वजनिक छुट्टी होती है, तो उससे पहले का कार्यदिवस समाप्ति तिथि माना जाएगा। पुराने अनुबंध की समाप्ति के तुरंत बाद अगले कारोबारी दिन नया अनुबंध शुरू हो जाएगा।
जोखिम प्रबंधन ऐसे होगा
बाजार के जोखिम को कम करने के लिए एनएसई ने दैनिक कीमत की सीमा छह प्रतिशत तय की है। अगर भाव में भारी बदलाव होता है तो 15 मिनट के कूलिंग-ऑफ पीरियड के बाद इसे नौ प्रतिशत तक किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति में नियामकीय प्रावधानों के अनुसार सीमा को और बढ़ाया जा सकता है।
सोने का वायदा कारोबार क्या है
सोने का वायदा कारोबार यानी ऐसा सौदा जिसमें निवेशक उसी दिन ही तय कर लेते हैं कि भविष्य में किसी तय तारीख पर सोना किस कीमत पर खरीदेंगे या बेचेंगे। इसे फ्यूचर्स ट्रेडिंग कहा जाता है। मान लीजिए आज सोने की कीमत 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है और निवेशक को लगता है कि एक महीने बाद कीमत बढ़कर 1.60 लाख रुपये रुपये हो जाएगी तो वह 1.5 की कीमत पर एक “वायदा सौदा” कर लेते हैं कि एक महीने बाद आप सोना खरीदेंगे। अगर कीमत 1.60 लाख हो जाती है तो निवेशक को 10 हजार रुपये का फायदा होगा। कीमत घटने पर नुकसान। ज्यादातर मामलों में लोग असल सोना नहीं लेते। वे सिर्फ कीमत के अंतर से फायदा या नुकसान कमाते हैं।
खुदरा निवेशकों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे आकार का यह गोल्ड अनुबंध घरेलू बुलियन कारोबार के ज्यादा करीब है, जिससे छोटे निवेशकों और ट्रेडर्स की भागीदारी बढ़ेगी। इससे कम पूंजी वाले निवेशकों के लिए भी सोने के वायदा कारोबार में प्रवेश आसान हो जाएगा और बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।




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