gold silver rate today 19 march fell amidst war silver below rs 2 45 lakh and gold price also declined Gold-Silver Crash: सोना ₹1.44 लाख पर फिसला, चांदी में ₹25500 की बड़ी गिरावट, क्या अभी और गिरेंगे भाव, Business Hindi News - Hindustan
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Gold-Silver Crash: सोना ₹1.44 लाख पर फिसला, चांदी में ₹25500 की बड़ी गिरावट, क्या अभी और गिरेंगे भाव

Gold-Silver Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। सोना ₹1.44 लाख पर गिरा, चांदी 21% टूटी। जानिए गिरावट की वजह और आगे क्या होगा।

Thu, 19 March 2026 10:07 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Gold-Silver Crash: सोना ₹1.44 लाख पर फिसला, चांदी में ₹25500 की बड़ी गिरावट, क्या अभी और गिरेंगे भाव

कीमती धातुओं में गिरावट का दौर लगातार जारी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। गुरुवार की ट्रेडिंग में MCX पर सोना और चांदी कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

MCX पर सोना करीब ₹8,810 गिरकर ₹1,44,215 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो फरवरी की शुरुआत के बाद का सबसे निचला स्तर है। मार्च महीने में अब तक सोने में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे 2026 में इसका कुल रिटर्न घटकर 6.60% रह गया है।

वहीं चांदी में इससे भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली है। चांदी ₹25,500 गिरकर ₹2,22,234 प्रति किलो पर पहुंच गई, जो दिसंबर के अंत के बाद का सबसे निचला स्तर है। मार्च महीने में चांदी करीब 21% टूट चुकी है और लगातार दूसरे महीने गिरावट की ओर बढ़ रही है।

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क्या अभी और गिरेगा सोने का भाव

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने का ट्रेंड फिलहाल कमजोर बना हुआ है। तकनीकी रूप से इसके लिए ₹1,50,000 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि ₹1,44,000 से ₹1,42,000 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। शॉर्ट टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सोने-चांदी में गिरावट की सबसे बड़ी वजह

सोने-चांदी में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख है। फेड ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखा और इस साल केवल एक बार कटौती का संकेत दिया है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि दरों में कटौती तभी होगी जब महंगाई में ठोस कमी आएगी। ऊंची ब्याज दरों का माहौल सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश के लिए नकारात्मक माना जाता है।

इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग कम हो जाती है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है। आमतौर पर ऐसे माहौल में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होता है, लेकिन इस बार बाजार का व्यवहार अलग नजर आ रहा है।

कुल मिलाकर, फेड की सख्त नीति, मजबूत डॉलर और महंगाई के दबाव के बीच सोना-चांदी कमजोर बने हुए हैं। आने वाले समय में इनकी दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों और ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर करेगी।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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