Gold rate crash 2000 rs MCX prices below 154000 rs as fresh US Iran tensions raise inflation woes ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, एक झटके में 2000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना, Business Hindi News - Hindustan
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ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, एक झटके में 2000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना

जून में खत्म होने वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में प्रति 10 ग्राम 2041 रुपये या 1.31% की गिरावट देखने को मिली और यह ₹1,53,586 पर आ गया। बता दें कि बकरी ईद की छुट्टी के कारण पहले सत्र में बंद रहने के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई।

Thu, 28 May 2026 08:29 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, एक झटके में 2000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना

Gold rate crash 2000 rs: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ गई है। इस माहौल के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। सप्ताह के चौथे दिन यानी गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में 2000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई। जून में खत्म होने वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में प्रति 10 ग्राम 2041 रुपये या 1.31% की गिरावट देखने को मिली और यह ₹1,53,586 पर आ गया। बता दें कि बकरी ईद की छुट्टी के कारण पहले सत्र में बंद रहने के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई। स्पॉट गोल्ड 1.5% गिरकर $4,389.99 प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले यह 26 मार्च के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। जून डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 1.5% गिरकर 4,387.70 डॉलर पर आ गए।

क्या कहते हैं ब्रोकरेज?

घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि सोना फिर से तेजी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। निवेशक अब ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण होने वाली महंगाई के असर पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है कि सेंट्रल बैंकों को आने वाले महीनों में सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है या ब्याज दरें और बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।

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VT Markets के मार्केट एनालिस्ट रुचिता ठाकुर ने बताया कि मध्य-पूर्व संकट के बावजूद सोने की कीमतों में बढ़ोतरी न होने का एक मुख्य कारण यह है कि बाजार ने अभी तक किसी गंभीर लिक्विडिटी संकट का सामना नहीं किया है। उन्होंने कहा कि साल 2008 के वित्तीय संकट, कोविड के झटके या बैंकिंग क्षेत्र में गंभीर तनाव जैसी स्थितियों में निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश के तौर पर देखते हैं।

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मौजूदा माहौल में वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी जरूर हो रही है लेकिन पूरी तरह से ढह नहीं रही है। अभी के हालात में सुरक्षित निवेश की जरूरत अब उतनी नहीं रह गई है। ठाकुर का मानना ​​है कि सोने की कीमतों में भले ही थोड़े समय के लिए ठहराव आया हो लेकिन लंबी अवधि के लिए इसके बुनियादी आधार पहले की तुलना में मजबूत नजर आ रहे हैं।

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आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों से एक बार फिर से टेंशन बढ़ गई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इससे महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है और इस साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना है। दरअसल, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं, जिससे US सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है, जिसका असर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर पड़ सकता है।

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