सोने का भाव नवंबर के बाद आज सबसे सस्ता, ₹5000 और सस्ती हुई चांदी, खरीदने का मौका या खतरे की घंटी?
Gold Price Today 11 June: MCX पर एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 2% से अधिक गिरकर 2,30,493 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1% गिरकर 1,46,444 रुपये प्रति 10 ग्राम पर गई।

Gold Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 2% या 5800 रुपये से अधिक गिरकर 2,30,493 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1% गिरकर यानी 1502 रुपये सस्ता हाेकर 1,46,444 रुपये प्रति 10 ग्राम पर गई।
नवंबर के बाद का सबसे निचला स्तर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को लगातार दबाव देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सोना छह महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया। यानी आज गोल्ड नवंबर के बाद सबसे कम दाम पर मिल रहा है। निवेशकों को अब यह डर सता रहा है कि बढ़ती महंगाई के चलते ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।
कॉमेक्स पर सोना गिरकर 4,132.80 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले साल नवंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं चांदी भी कमजोरी के साथ 64.59 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
क्यों टूट रहा है सोना?
सोने पर दबाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। महंगा तेल वैश्विक महंगाई बढ़ा सकता है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं। सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए जब ब्याज दरें बढ़ने या ऊंची रहने की उम्मीद बनती है तो निवेशक सोने से दूरी बनाने लगते हैं।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड भी बने दबाव की वजह
तेल की तेजी के साथ डॉलर मजबूत हुआ है। मजबूत डॉलर की वजह से अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती है।
चांदी में भी कमजोरी
सोने के साथ-साथ चांदी भी दबाव में है। औद्योगिक मांग मजबूत रहने के बावजूद ग्लोबल मार्केट में रिस्क से बचने की रणनीति और ऊंची ब्याज दरों की आशंका के कारण चांदी में बिकवाली देखी जा रही है।
खरीदें या बचें
बाजार की नजर अब अमेरिका की महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर रहेगी। अगर तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तथा महंगाई का दबाव बना रहता है, तो सोने और चांदी में निकट भविष्य में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।




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