अब 10 ग्राम सोने पर ₹27,000 तो सिर्फ टैक्स लगेगा, ग्राहकों को 440 वोल्ट का झटका! यहां समझिए 15% इंपोर्ट ड्यूटी का गणित
Gold import duty Hike: भारत सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इसका मतलब है कि अब 10 ग्राम सोने पर करीब ₹27,000 तो सिर्फ टैक्स देना होगा, जो ग्राहकों को 440 वोल्ट का झटका दे सकता है। आइए 15% इंपोर्ट ड्यूटी का गणित समझते हैं।

Gold import duty Hike: भारतीय संस्कृति में सोने का महत्व केवल एक आभूषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बचत और सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। लेकिन, अब सोना खरीदना आपकी जेब पर पहले से कहीं ज्यादा भारी पड़ने वाला है। जी हां, क्योंकि भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब 10 ग्राम सोने पर करीब ₹27,000 तो सिर्फ टैक्स देना होगा, जो ग्राहकों को 440 वोल्ट का झटका दे सकता है। सरकार का यह कदम डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को संभालने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाने के लिए उठाया गया है। आइए जरा विस्तार से समझते हैं कि इसका आम लोगों पर सीधा असर क्या होगा?
इंपोर्ट ड्यूटी का नया गणित: कितनी बढ़ेगी कीमत?
सरकार ने आयात शुल्क के स्ट्रक्चर को बदलकर इसे काफी महंगा कर दिया है। अब सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% AIDC (Agriculture Infrastructure and Development Cess) लगेगा, जिसका सीधा असर लोगों पर पड़ेगा। पहले 10 ग्राम सोने पर लगभग ₹13,500 का टैक्स देना पड़ता था, जो अब बढ़कर करीब ₹27,000 हो जाएगा, यानी सिर्फ टैक्स के कारण सोने की कीमत में ₹13,500 प्रति 10 ग्राम का उछाल देखने को मिल सकता है।
PM मोदी की 'किफायत' वाली अपील का असर
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस हालिया अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से गैर-जरूरी सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को टालने का आग्रह किया था। पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़ रहा है। सरकार चाहती है कि लोग सोने में निवेश करने के बजाय देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग दें।
बाजार और ज्वेलरी बिजनेस पर प्रभाव
इस खबर के आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। देश की दिग्गज ज्वेलरी कंपनियों जैसे टाइटन (Titan) और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की डिमांड में कम से कम 10% की गिरावट आ सकती है।
हल्के आभूषणों का चलन:- मालाबार ग्रुप और सेनको गोल्ड जैसे बड़े ज्वेलर्स का मानना है कि अब लोग भारी गहनों के बजाय हल्के वजन (Lightweight) वाले आभूषण पसंद करेंगे।
पुराना सोना बदलें:- अब 'एक्सचेंज' (पुराना सोना देकर नया लेना) का चलन बढ़ेगा, क्योंकि नई खरीद बहुत महंगी हो गई है।
क्या रुपया संभलेगा?
सरकार का मुख्य उद्देश्य रुपये की गिरावट को रोकना है। लेकिन, भारतीय रुपया लगातार दबाव में नजर आ रहा है। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.1% कमजोर होकर 95.7450 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। इससे पहले मंगलवार को रुपया 95.7375 के अपने पुराने ऑल-टाइम लो पर पहुंचा था। भारत अपनी जरूरत का लगभग सारा सोना आयात करता है। पिछले साल 710 टन आयात हुआ था और भारी आयात के कारण बहुत सारा विदेशी मुद्रा (डॉलर) देश से बाहर चला जाता है। सरकार मानती है कि आयात शुल्क बढ़ने से सोने का आयात कम हो जाएगा, जिससे व्यापार घाटा कम होगा और रुपये को मजबूती मिलेगी।
स्मगलिंग का बढ़ता खतरा
इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने एक बड़ी चिंता यह जताई है कि टैक्स बढ़ने से सोने की तस्करी (Smuggling) फिर से बढ़ सकती है। जब सरकार ने 2024 में टैक्स घटाया था, तब स्मगलिंग काफी कम हो गई थी, लेकिन अब 15% ड्यूटी के कारण अनौपचारिक रास्ते फिर से खुल सकते हैं।
शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदें?
आप शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। सरकार के इस कड़े फैसले का असर कम से कम एक साल तक रहने की उम्मीद है, जब तक कि वैश्विक हालात सामान्य नहीं हो जाते।




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