Former sbi md arijit basu appointed part time chairman of indusind bank detail is here इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट में बदलाव, SBI के पूर्व एमडी बने पार्ट-टाइम चेयरमैन, Business Hindi News - Hindustan
More

इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट में बदलाव, SBI के पूर्व एमडी बने पार्ट-टाइम चेयरमैन

बसु के पास बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का अनुभव है। इंडसइंड बैंक में अपनी नियुक्ति से पहले बसु ने एचडीएफसी बैंक की नॉन-बैंक लेंडिंग शाखा, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर काम किया था।

Fri, 27 March 2026 10:32 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट में बदलाव, SBI के पूर्व एमडी बने पार्ट-टाइम चेयरमैन

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट में एक बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, SBI के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अरिजीत बसु को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद इंडसइंड बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बसु के पास बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का अनुभव है। इंडसइंड बैंक में अपनी नियुक्ति से पहले बसु ने एचडीएफसी बैंक की नॉन-बैंक लेंडिंग शाखा, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर काम किया था। बसु का एसबीआई के साथ एक शानदार करियर रहा है। यहां वह बोर्ड मेंबर और मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर रिटायर हुए थे। इससे पहले, अरिजीत बसु ने SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर भी काम किया था। वर्तमान में वे Prudential Plc, Peerless हॉस्पिटैक्स एंड हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर के अलावा क्लीनमैक्स Enviro एनर्जी के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं। वे Ares मैनेजमेंट के वरिष्ठ सलाहकार और Razorpay के सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अगले हफ्ते स्टॉक मार्केट में सिर्फ 3 दिन ट्रेडिंग, निवेशकों के लिए जानना जरूरी

कैसे रहे तिमाही नतीजे

बैंक ने जनवरी में वित्त वर्ष 2025–26 की दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे जारी किए थे। बैंक ने बताया कि उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 90 पर्सेंट घटकर ₹128 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक का प्रॉफिट ₹1,402 करोड़ था। पिछली तिमाही के मुकाबले, बैंक ₹437 करोड़ के घाटे से उबरकर प्रॉफिट में आ गया। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) साल-दर-साल 12.7 पर्सेंट घटकर ₹4,562 करोड़ रह गई, जो Q3FY25 में ₹5,228 करोड़ थी। पिछली तिमाही के मुकाबले, रेवेन्यू 3.5 परसेंट बढ़कर ₹4,409 करोड़ हो गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान-US जंग ने डुबोई निवेशकों की लुटिया, 41 लाख करोड़ रुपये हुए स्वाहा

इंडसइंड बैंक ने शुरू की कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम

इस बीच, बीते गुरुवार को ही इंडसइंड बैंक ने कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम की शुरुआत की, जिसके तहत ग्राहक री-इन्वेस्टमेंट तक कैपिटल गेन अकाउंट को जमा रख सकते हैं और इस दौरान आयकर कानून के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना पूंजीगत लाभ को री-इन्वेस्टमेंट तक सुरक्षित और नियमों के अनुरूप रखने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे ग्राहक निर्धारित वैधानिक समय सीमा के भीतर सोच-समझकर उस पूंजी को दोबारा निवेश करने के बारे में निर्णय ले सकेंगे। बता दें कि यह योजना केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से अनुमति मिलने के बाद पेश की गई है। बोर्ड ने इंडसइंड बैंक को पूंजीगत लाभ योजना, 1988 के अंतर्गत जमा स्वीकार करने की अनुमति दी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लोन से जमा पैसे तक में लापरवाही, RBI ने तीन सरकारी बैंकों पर लिया बड़ा एक्शन

कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम के तहत इंडसइंड बैंक दो प्रकार के खाते प्रदान करता है - बचत खाता और सावधि जमा खाता। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार, खाते का चयन कर सकते हैं। यह योजना अधिकृत गैर-ग्रामीण शाखाओं में पात्र ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार, गैर-व्यक्तिगत संस्थाएं और अनिवासी भारतीय शामिल हैं।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,