अडानी समूह से इस कंपनी को मिल रहे ताबड़तोड़ ऑर्डर, शेयर में भी बंपर उछाल
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को एक बार फिर अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड से 45.47 करोड़ रुपये की केबल आपूर्ति का ठेका मिला है। डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर की बात करें तो यह 141 रुपये के स्तर पर है।
Diamond Power share price: डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को गौतम अडानी समूह से ताबड़तोड़ ऑर्डर मिल रहे हैं। अब एक बार फिर इस कंपनी को अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड से 45.47 करोड़ रुपये की केबल आपूर्ति का ठेका मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस ठेके को मई 2026 से मई 2027 के बीच पूरा किया जाएगा। कंपनी सूचना के अनुसार यह ठेका संबंधित पक्ष लेनदेन के दायरे में नहीं आता है। बता दें कि बीते एक महीने में अडानी समूह से डायमंड पावर को कई बड़े ऑर्डर मिले हैं।
लगातार मिल रहे ऑर्डर
बीते दिनों डायमंड पावर ने शेयर बाजार को बताया कि उसे अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड से केबल सप्लाई के लिए ₹100.54 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर अप्रैल 2026 से फरवरी 2027 के बीच पूरा किया जाना है। एक अन्य ऑर्डर में अडानी पावर से छत्तीसगढ़ के रायपुर Ph-II थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग साइज के पावर और कंट्रोल केबल सप्लाई करने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है।
यह ऑर्डर 31 जुलाई, 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, डायमंड पावर को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से केबल सप्लाई करने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। इस ऑर्डर को लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के 15 दिनों के अंदर पूरा किया जाएगा।
शेयर का परफॉर्मेंस
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर की बात करें तो यह 141 रुपये के स्तर पर है। बीते कुछ दिनों से शेयर में लगातार तेजी वाला माहौल है। बता दें कि मई 2025 में शेयर 86.50 रुपये के निचले स्तर पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। वहीं, जुलाई 2025 में यह शेयर 185.10 रुपये तक गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर की हिस्सेदारी 84.02 फीसदी है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15.98 फीसदी की है।
अडानी एनर्जी के कारोबार पर क्या है अपडेट?
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) की इकाई अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने कुदुस और आरे के बीच 1,000 मेगावाट की ट्रांसमिशन लाइन का संचालन शुरू कर दिया है। एईएसएल ने बयान में कहा कि हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन लाइन में 30 किलोमीटर हवा में लटकती तार (ओवरहेड लाइन) और 50 किलोमीटर भूमिगत तारे शामिल हैं। इसमें दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी (हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट) सबस्टेशन भी शामिल है। यह लाइन मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को शहर के बाहर से अधिक बिजली लेने में सक्षम बनाती है जिसमें अन्य क्षेत्रों में उत्पन्न रिन्यूएबल एनर्जी भी शामिल है।




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