87% लुढ़कने के बावजूद यह शेयर बना मल्टीबैगर, 5 साल में 5220% का रिटर्न
एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से करीब 87% नीचे आने के बाद उड़ान भर रहा है। लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो यह स्टॉक अब भी निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। पिछले एक साल में इसने 102% और पिछले 5 वर्षों में चौंका देने वाला 5220% का रिटर्न दिया है।

Multibagger Stock: एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर में बुधवार, 18 मार्च को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार में व्यापक सकारात्मक रुख के बीच कंपनी का स्टॉक 5% के अपर सर्किट पर पहुंचकर 55.83 रुपये पर पहुंच गया। यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर पर फैसले का इंतजार कर रहे निवेशकों के चलते बाजार में यह तेजी दर्ज की गई।
52-वीक हाई से फिसला शेयर, लेकिन चौंकाने वाला है लॉन्ग टर्म रिटर्न
फिलहाल एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर अपने 52-सप्ताह के हाई से करीब 87% नीचे आने के बाद फिर से उड़ान भर रहा है। मार्च 2025 में यह स्टॉक 27.66 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर भी पहुंचा था। पिछले एक महीने में इसमें 26% और तीन महीने में करीब 54% की गिरावट आई है। छह महीने की अवधि में भी यह 68% टूट चुका है। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो यह स्टॉक अब भी निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। पिछले एक साल में इसने 102% और पिछले 5 वर्षों में चौंका देने वाला 5220% का रिटर्न दिया है।
कंपनी ने उठाए ये बड़े कदम
हाल ही में एलीटकॉन इंटरनेशनल ने कई अहम फैसले लिए हैं। कंपनी ने डेलॉयट टौश टोमात्सु इंडिया एलएलपी को अपना रणनीतिक सलाहकार नियुक्त किया है। इसका मकसद अपने ग्रुप की कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया का वैल्युएशन और स्ट्रक्चर तैयार करना है। कंपनी सनब्रिज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, लैंड्समिल एग्रो प्राइवेट लिमिटेड और गोल्डन क्रायो प्राइवेट लिमिटेड को एलीटकॉन में मर्ज करने का विचार कर रही है। इस मर्जर का उद्देश्य कारोबार को एकीकृत ढांचे के तहत लाना है, जिससे परिचालन स्तर बढ़े, दक्षता में सुधार हो और कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हो।
विदेशी निवेशक ने खरीदी 8.58% हिस्सेदारी
इस महीने की शुरुआत में मॉरीशस की निवेशक मिनर्वा वेंचर्स ने एलीटकॉन इंटरनेशनल में 8.58% हिस्सेदारी (13.7 करोड़ शेयर) खरीदी है। यह इन्वेस्टमेंट वारंट और ओपन मार्केट में खरीदारी के जरिए किया गया। इसके अलावा, कंपनी ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को नासिक में उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों ने निरीक्षण किया था।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने जबरदस्त फाइनेंशियल ग्रोथ दर्ज की है। पिछली तिमाही के मुकाबले अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री में 318% का उछाल आया और यह 2,192.09 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, इस दौरान नेट प्रॉफिट 63% बढ़कर 117.20 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पूरे वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 548.76 करोड़ रुपये की बिक्री और 69.65 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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