Centre raises high speed diesel excise to 24 rs litre infra cess to 36 rs litre detail here डीजल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ₹36 तक बढ़ा दिए गए ये चार्ज, Business Hindi News - Hindustan
More

डीजल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ₹36 तक बढ़ा दिए गए ये चार्ज

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹24 प्रति लीटर और इंफ्रा सेस ₹36 प्रति लीटर बढ़ाए हैं। आइए जान लेते हैं कि सरकार ने यह फैसला क्यों लिया है।

Sat, 11 April 2026 07:22 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
डीजल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ₹36 तक बढ़ा दिए गए ये चार्ज

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग की वजह से भारत समेत दुनियाभर में फ्यूल संकट है। इस माहौल से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने हाई-स्पीड डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹24 प्रति लीटर और इंफ्रा सेस ₹36 प्रति लीटर बढ़ाए हैं। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। बता दें कि इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाया था।

क्या कहा सरकार ने?

सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि उसने डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी है। वहीं, हाई-स्पीड डीजल पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत, हाई-स्पीड डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस अब 36 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बीच, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी ड्यूटी 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल की बात करें तो इ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी शून्य बनी हुई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शेयर बाजार में मंगलवार को ठप रहेगी ट्रेडिंग, आखिर क्यों लिया गया है फैसला?

क्या है फैसले की वजह?

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ये शुल्क लगाए गए थे। इन शुल्कों का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित लाभ उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सुजलॉन समेत 3 शेयर पर सोमवार को रखें नजर, चेक करें एक्सपर्ट के टारगेट प्राइस

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के बाद तेहरान की ओर से व्यापक जवाबी कार्रवाई की गई थी। हालांकि, आठ अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हुए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा हुआ व्यवधान फिलहाल थमा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:डीए में 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी, इन कर्मचारियों को मिली बड़ी खुशखबरी

हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार भारत ने घरेलू ईंधन बिक्री में नुकसान की भरपाई के लिए रिफाइनरी मार्जिन पर सीमा तय की है। अब रिफाइनरी के मार्जिन को 15 डॉलर प्रति बैरल तक सीमित कर दिया गया है। इस सीमा से ऊपर की किसी भी कमाई को सरकारी विपणन कंपनियों को बेचे गए ईंधन पर छूट के रूप में माना जाएगा। अतिरिक्त लाभ को खुदरा नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,