IDBI Bank सहित कहां-कहां हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार? बजट 2026 में ₹80000 करोड़ जुटाने का ऐलान
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा है कि डिसइन्वेस्टमेंट के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। जोकि बजट 2025 के ऐलान की तुलना में काफी अधिक है।

Budget 2026: बजट 2026 में प्राइवेटाइजेशन को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा है कि डिसइन्वेस्टमेंट के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। जोकि बजट 2025 के ऐलान की तुलना में काफी अधिक है। बता दें, सरकार पहले उन डिसइन्वेस्टमेंट फैसलों को आगे बढ़ाएगी जिनपर कैबिनेट का अप्रूवल मिल गया है। सरकार का एक बार फिर से फोकस निजीकरण पर बढ़ा है।
सबसे अधिक फोकस IDBI Bank पर
प्राइवेटाइजेशन की जब-जब बात होती है तब-तब IDBI Bank की चर्चा शुरू हो जाती है। सरकार का इस बैंक में 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, एलआईसी के पास IDBI Bank का 49.24 प्रतिशत हिस्सा है। दोनों को मिलाकर सरकार 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाना चाह रही है। इसको लेकर बातचीत तेज हो गई है। बता दें, आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने को लेकर सबसे पहली चर्चा 2022 में शुरू हुई थी।
केंद्र सरकार ने प्राइवेटाइजेशन के जरिए वित्त वर्ष 2025 में 50,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था।
वैल्यूएशन बढ़ाने पर रहता है जोर - वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि मार्केट में जाने से पहले PSUs के वैल्यूएशन को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए अच्छे प्रोफेशनल्स को नियुक्त किया जाता है। यही वजह है कि उन्हें सम्मानित वैल्यूएशन मिलता है। और मार्केट में लिस्ट होने पर कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करती हैं।
क्या कुछ कहा है वित्त मंत्री ने?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 की स्पीच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “हमारे सभी डिसइन्वेस्टमेंट पहले से ही कैबिनेट अप्रूव हो चुके हैं। ऐसे हर विनिवेश के प्रक्रिया को हम आगे बढ़ाएंगे।” वित्त मंत्री की टीम ने कहा कि इस प्राइवेटाइजेशन के जरिए PSU में एफिशिएंसी और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ाना है।
सरकार के अनुसार इस फ्रेमवर्क पर पहले ही बहुत कुछ काम किया जा चुका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया, “इस रणनीति के तहत बीएलएफ साइड पर जो विनिवेश और क्लोजर के लिए मंजूरी ली गई थी उसमें लगभग 50 काम पूरा हो चुका है। बाकि काम ट्रैक पर है।”




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