रेलवे कर्मचारियों के लिए पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव, नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू
New Pension Rules: इस फैसले के बाद साउथ कोस्ट रेलवे जोन के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारियों के PPO जारी करने की प्रक्रिया तेज और आसान हो सकती है। अब उन्हें किसी दूसरे अधिकृत कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

New Pension Rules: रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम प्रशासनिक बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड ने साउथ कोस्ट रेलवे, विशाखापत्तनम के प्रिंसिपल फाइनेंशियल एडवाइजर (PFA) को सीधे पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला 15 मई 2026 को जारी रेलवे बोर्ड के सर्कुलर के जरिए लागू किया गया।
क्या होता है PPO?
पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी PPO वह जरूरी डॉक्यूमेंट होता है, जिसके आधार पर रिटायर कर्मचारी को बैंक के माध्यम से पेंशन मिलनी शुरू होती है। PPO जारी हुए बिना पेंशन भुगतान शुरू नहीं हो सकता।
क्या बदला है नए नियम में?
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जरिए रेलवे पेंशन भुगतान योजना में संशोधन करते हुए “एडवांस्ड करेक्शन स्लिप नंबर 59” जारी किया है। इसके जरिए भारतीय रेलवे Railway Accounts Code के अध्याय-10, अनुबंध II-J में बदलाव कर साउथ कोस्ट रेलवे के प्रिंसिपल फाइनेंशियल एडवाइजर को औपचारिक रूप से पीपीओ जारी करने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
पेंशनर्स को क्या फायदा होगा?
हालांकि यह एक प्रक्रियात्मक बदलाव लगता है, लेकिन पीपीओ जारी करने में होने वाली देरी अक्सर पेंशन शुरू होने में रुकावट बनती है। इस फैसले के बाद साउथ कोस्ट रेलवे जोन के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारियों के PPO जारी करने की प्रक्रिया तेज और आसान हो सकती है। अब उन्हें किसी दूसरे अधिकृत कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। PPO जारी होने में देरी अक्सर रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन शुरू होने में भी देरी का कारण बनती है। ऐसे में यह बदलाव रिटायर कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
क्या कर्मचारियों की पेंशन बढ़ेगी?
तो इसका जवाब ना है। बोर्ड के मुताबिक यह केवल प्रशासनिक बदलाव है। इससे पेंशन राशि, DR, एरियर या अन्य लाभों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। रेलवे बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि यह सिर्फ PPO जारी करने के अधिकार से जुड़ा संशोधन है।
तुरंत लागू होंगे नए नियम: रेलवे बोर्ड ने इस आदेश को “necessary action” के साथ जारी किया है, यानी यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है। वित्त कार्यालय को सीधा अधिकार मिल जाने से इस जोन के रिटायर होने वाले कर्मचारियों का पेंशन प्रोसेस अब ज्यादा तेज और सुगम हो सकता है। रेलवे बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से इस आदेश को लागू करने के निर्देश भी दिए हैं।




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