नियमों में बदलाव: सोने-चांदी के लिए SEBI ने दी इक्विटी स्कीमों को बड़ी छूट
Gold-Silver: बाजार नियामक सेबी ने देश की 384 अरब डॉलर वाली एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंडों को अपना ज्यादा पैसा सोने और चांदी में लगाने की इजाजत दे दी है। यह कदम उद्योग को सरकार की नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से कंपटीशन करने की स्थिति में ला सकता है।

Gold-Silver: बाजार नियामक सेबी ने देश की 384 अरब डॉलर वाली एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंडों को अपना ज्यादा पैसा सोने और चांदी में लगाने की इजाजत दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल लेबल पर भौतिक परिसंपत्तियों की मांग बढ़ रही है, जिससे फंड मैनेजरों को ज्यादा लचीलापन मिलेगा।
नियमों में बदलाव से फंडों को मिलेगा फायदा
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक बाजार नियाम सेबी के संशोधित नियमों के तहत अब स्टॉक फंड अपने बचे हुए पोर्टफोलियो का 35 फीसदी तक हिस्सा सोने और चांदी के साधनों के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इन्विट) की यूनिट्स में भी निवेश कर सकेंगे।
निवेश के नए रास्ते खुलेंगे
शेयर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने मंजूरी वाले एसेट्स की सूची को बढ़ाकर इक्विटी फंडों को एक व्यापक टूलकिट दे दी है, जिसमें पहले से ही मनी मार्केट और अन्य लिक्विड सिक्योरिटीज शामिल हैं। यह बदलाव सोने और चांदी के लिए मांग का एक नया स्रोत भी तैयार कर सकता है। इन दोनों धातुओं में तेजी के बीच निवेशकों की काफी दिलचस्पी देखी गई है।
गोल्ड ETF में बढ़ता आकर्षण
जनवरी में, स्थानीय निवेशकों ने स्टॉक फंडों की तुलना में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में ज्यादा पैसा लगाया था। यह एक दुर्लभ बदलाव है, जो बाजार में अनिश्चितता के बीच सोने की बढ़ती अपील को रेखांकित करता है। अगर ईटीएफ के प्रति निवेशकों के आकर्षण की बात करें तो एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर की तुलना में जनवरी में गोल्ड ETF में मंथली नेट फ्लो दोगुना से अधिक बढ़कर 24,039 करोड़ रुपये हो गया, जो इक्विटी फंड में 24,028 करोड़ रुपये के शुद्ध निवेश से अधिक है। जनवरी तक के एक वर्ष में, गोल्ड ETF में 63,249 करोड़ रुपये का नेट फ्लो दर्ज किया गया है। सिल्वर ETF में जनवरी में 9,463 करोड़ रुपये का नेट फ्लो हुआ।
लाइफ साइकिल फंड्स की होगी शुरुआत
सेबी ने लाइफ साइकिल फंड्स या टारगेट-डेट फंड्स की एक नई श्रेणी बनाने को भी मंजूरी दी है। ये योजनाएं पांच से 30 साल की पूर्व-निर्धारित परिपक्वता अवधि वाली होंगी और इन्हें रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे लक्ष्य-आधारित निवेश के लिए डिजाइन किया गया है।
NPS को टक्कर देने की तैयारी
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को एक बार में अधिकतम छह एक्टिव लाइफ साइकिल फंड पेश करने की अनुमति दी जाएगी। यह कदम उद्योग को सरकार की नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से कंपटीशन करने की स्थिति में ला सकता है, जो लगभग 177 अरब डॉलर की संपत्ति की देखरेख करती है।
इनपुट्स: ब्लूमबर्ग




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