IPO लेकर आ रही एयरटेल की कंपनी, दिसंबर से पहले शेयर बाजार में होगी लिस्टिंग?
एयरटेल अफ्रीका ने कहा कि वह साल 2026 की दूसरी छमाही में एयरटेल मनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना बना रही है। बता दें कि एयरटेल मनी को इस साल 13 फरवरी को रिजर्व बैंक से एनबीएफसी का लाइसेंस मिला था।

भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल से जुड़ी एक और कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इस कंपनी का नाम एयरटेल मनी है। भारती एयरटेल की अफ्रीकी इकाई एयरटेल अफ्रीका ने इसकी जानकारी दी। एयरटेल अफ्रीका ने कहा कि वह साल 2026 की दूसरी छमाही में एयरटेल मनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना बना रही है।
एयरटेल अफ्रीका के सीईओ सुनील तलदार ने कहा- हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद बाजार की परिस्थितियों ने एयरटेल मनी आईपीओ के समय को प्रभावित किया है। हमने अच्छी प्रगति की है और बाजार की स्थिति अनुकूल रहने पर 2026 की दूसरी छमाही में आईपीओ लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ब्लूमबर्ग ने पिछले महीने बताया था कि एयरटेल मनी के तहत आने वाले मोबाइल मनी कारोबार का 1.5-2 अरब डॉलर का IPO लाने की योजना पर काम हो रहा है। इस कारोबार में पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। एयरटेल ने पहले भी इस कारोबार को लिस्ट कराने का अपना इरादा जाहिर किया है।
एयरटेल मनी को एनबीएफसी का लाइसेंस
बता दें कि एयरटेल मनी को इस साल 13 फरवरी को रिजर्व बैंक से एनबीएफसी का लाइसेंस मिला था। इसके बाद भारती एयरटेल ने अपनी इस कंपनी यानी एयरटेल मनी में 20,000 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की घोषणा की है। एयरटेल मनी के कस्टमर बेस की बात करें तो सालाना आधार पर 21.3 प्रतिशत बढ़कर 5.41 करोड़ हो गया जबकि लेनदेन करने वाले ग्राहकों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 में 74 प्रतिशत बढ़ी।
दोगुने से भी ज्यादा हुआ मुनाफा
वित्त वर्ष 2025-26 में भारती एयरटेल की अफ्रीकी इकाई एयरटेल अफ्रीका का मुनाफा दोगुने से अधिक बढ़कर 81.3 करोड़ डॉलर (करीब 7,700 करोड़ रुपये) हो गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नाइजीरिया में शुल्क समायोजन और विदेशी मुद्रा लाभ के कारण हुई। कंपनी ने कहा- 12.7 करोड़ डॉलर के डेरिवेटिव और विदेशी मुद्रा लाभ के कारण टैक्स के बाद मुनाफा बढ़ा।
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को इस मद में 17.9 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। वित्त वर्ष 2025-26 में एयरटेल अफ्रीका का राजस्व 29.5 प्रतिशत बढ़कर 641.5 करोड़ डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 490 करोड़ डॉलर था।
इन आईपीओ को हरी झंडी
इस बीच, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कई कंपनियों के लिए आईपीओ के जरिए फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न जेप्टो के अलावा होटल पोलो टावर, Crystal ड्रॉप प्रोटेक्शन, सर्गीवियर पारखोट लिमिटेड और होरियालजोट शामिल हैं।




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