पेट्रोल-डीजल, LPG की महंगाई के बाद आटा-तेल, दाल और सब्जियों का क्या हाल?
पिछले एक महीने और एक साल के दौरान कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खासतौर पर खाद्य तेल, दाल और सब्जियों में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

ईरान युद्ध के बीच पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी तक के दाम बढ़ चुके हैं। घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपये तो कमर्शियल करीब 1000 रुपये महंगा हो चुका है। पेट्रोल और डीजल में करीब 4-4 रुपये का इजाफा हो चुका है। ऐसे में रोजना इस्तेमाल होने वाली घरेलू चीजें जैसे आटा, तेल, दाल, चावल, मसाले और सब्जियों की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है। आइए जानें इनकी कीमतों में पिछले एक महीने और एक साल में कितना अंतर आया है?
उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट से लिए गए ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले एक महीने और एक साल के दौरान कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खासतौर पर खाद्य तेल, दाल और सब्जियों में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जबकि गेहूं और आटे जैसी वस्तुओं के दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं।
खाद्य तेलों में तेजी: सूरजमुखी तेल और पाम ऑयल में उछाल
खाद्य तेलों में सबसे तेज महंगाई देखने को मिली। मूंगफली तेल 1 महीने में करीब 200 रुपये से बढ़कर 201.40 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। सरसों तेल 188.98 रुपये से बढ़कर 189.15 रुपये प्रति किलो हुआ। सबसे ज्यादा उछाल सूरजमुखी तेल और पाम ऑयल में दिखा।
सूरजमुखी तेल एक साल में करीब 160 रुपये से बढ़कर 185 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया, यानी लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पाम ऑयल भी एक साल में करीब 7 प्रतिशत महंगा हो चुका है।
चावल, गेहूं और आटा का हाल
अगर खुदरा कीमतों की तुलना करें तो चावल का औसत भाव 21 मई 2026 को 43.14 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जो एक महीने पहले 42.91 रुपये था। यानी इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई। वहीं गेहूं 31.01 रुपये से घटकर 30.93 रुपये प्रति किलो पर आ गया। आटे की कीमत भी लगभग स्थिर है और यह 36.79 रुपये से घटकर 36.77 रुपये प्रति किलो रही।
पिछले साल से सस्ती है अरहर दाल
दालों में सबसे ज्यादा चर्चा अरहर दाल की रही। एक महीने पहले इसका खुदरा भाव 122.30 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 122.48 रुपये हो गया है। हालांकि, एक साल पहले इसकी कीमत 126.47 रुपये थी। इसका मतलब है कि सालाना आधार पर अरहर दाल अभी भी सस्ती हुई है। उड़द दाल और मूंग दाल में भी मामूली मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मसूर दाल करीब 1.7 प्रतिशत महंगी हुई है।
एक महीने में टमाटर हुआ 25 प्रतिशत महंगा
सब्जियों में टमाटर ने सबसे ज्यादा असर डाला। यह और लाल हुआ है। एक महीने पहले टमाटर का औसत खुदरा भाव 29.79 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 37.22 रुपये हो गया। यानी एक महीने में करीब 25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, पिछले साल इसी समय इसकी कीमत 24.12 रुपये थी, जिससे साफ है कि सालभर में टमाटर 50 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हो चुका है। प्याज और आलू में भी हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन उनका भाव पिछले साल की तुलना में अभी कम बना हुआ है।
दूध, चीनी और चाय के दाम
दूध, चीनी और चाय जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं में भी धीरे-धीरे महंगाई बढ़ रही है। दूध का औसत खुदरा भाव एक महीने पहले 59.59 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 60.15 रुपये हो गया है। चीनी 46.49 रुपये से बढ़कर 46.69 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। खुली चाय की कीमतों में हालांकि ज्यादा बदलाव नहीं दिखा।




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