कार के लिए ₹10 लाख का ब्याज-फ्री लोन, त्योहार पर 1 महीने की एडवांस सैलरी? 8वें वेतन आयोग से ये 3 बड़ी मांग
8th pay commission latest news; 8वें वेतन आयोग के सामने NC-JCM की स्टाफ साइड ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें कार के लिए ₹10 लाख का ब्याज-फ्री लोन, त्योहार पर 1 महीने की एडवांस सैलरी और प्राकृतिक आपदा के समय विशेष आर्थिक सहायता शामिल है। इसके अलावा भी कई मांगें की गई हैं।

8th pay commission latest news in hindi: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग के सामने कुछ अहम और दिलचस्प प्रस्ताव रखे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ₹10 लाख तक के ब्याज-मुक्त कार लोन, त्योहारों के लिए एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर एडवांस और प्राकृतिक आपदाओं के समय विशेष वित्तीय सहायता की मांग को लेकर हो रही है। अगर ये सिफारिशें मंजूर होती हैं, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।
स्टाफ साइड ने अपने ज्ञापन में कहा है कि समय के साथ कर्मचारियों की जरूरतें बदल चुकी हैं। पहले जहां चार पहिया वाहन एक लग्जरी माना जाता था, वहीं आज यह परिवार के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए एक जरूरी साधन बन गया है। इसी वजह से 8वें वेतन आयोग से मांग की गई है कि कर्मचारियों को कार खरीदने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का ब्याज-मुक्त एडवांस दिया जाए। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और वाहन कीमतों के बीच यह सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
इसके अलावा स्टाफ साइड ने त्योहार एडवांस को फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म और समुदायों के लोग पूरे साल कई त्योहार मनाते हैं। इन अवसरों पर परिवारों का खर्च बढ़ जाता है। इसलिए कर्मचारियों को एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर फेस्टिवल एडवांस दिया जाए, जिसे बाद में 10 आसान किश्तों में वापस लिया जा सके। गौरतलब है कि पहले यह सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था।
एक और महत्वपूर्ण डिमांड प्राकृतिक आपदा एडवांस को लेकर की गई है। हाल के सालों में देश के कई हिस्सों में बाढ़, चक्रवात, भारी बारिश, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे समय में प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ती है। स्टाफ साइड ने सुझाव दिया है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कर्मचारियों को एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर ब्याज-मुक्त एडवांस दिया जाए, जिसकी वसूली 24 मासिक किश्तों में की जा सके।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने कंप्यूटर एडवांस, हाउस बिल्डिंग एडवांस और अन्य मौजूदा वित्तीय सुविधाओं की सीमा बढ़ाने की भी मांग की है। उनका मानना है कि वर्तमान समय की जरूरतों और महंगाई को देखते हुए इन सुविधाओं में संशोधन जरूरी हो गया है।
फिलहाल, 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव और ज्ञापन प्राप्त कर रहा है। आयोग के गठन के बाद उसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि कर्मचारियों की इन मांगों में से किन-किन सिफारिशों को आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट में शामिल करता है। अगर इनमें से कुछ प्रमुख मांगें भी मंजूर हो जाती हैं, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला बड़ा कदम साबित हो सकता है।




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